आखिर क्यों किया जाए क्षमा ?

गलती या दुष्टता नहीं दोहराने की शर्त पर ही क्षमा किया जा सकता है। एक दिन क्षमा मांग लो। और फिर साल के लिए दुष्टताओं की गारंटी नहीं दी जा सकती।

क्षमा पश्चाताप के साथ प्रायश्चित भी है। इस देश में जब-जब भी दुष्टों को क्षमा किया गया, तब-तब समाज और देश को पीढ़ियों तक इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। पृथ्वीराज चौहान का मामला हो या फिर और कोई सा ऎतिहासिक कालचक्र।

अगर हम बिना किसी गलती के क्षमा मांगने की नौटंकी करते हैं तो इसका सीधा सा अर्थ है कि हम औपचारिकता का निर्वाह कर रहे हैं, सामने वालों को उल्लू समझ रहे हैं।

क्षमा मांगने का दूसरा अर्थ यह भी है कि हमेंं अपने बारे में भान ही नहीं है कि हम कौनसी गलती कर चुके हैं या किस गलती के लिए क्षमा मांग रहे हैं।

बहुत से हैं जो क्षमा मांगने के उपरान्त गलतियों के दोहरान से बचते रहते हैं किन्तु इनसे अधिक संख्या में वे लोग हैं जो क्षमा मांग लेने के उपरान्त भी वही की वही गलतियाँ बार-बार दोहराते रहते हैं।

एक दिन या एक बार क्षमा मांग लेंगे और फिर साल भर के लिए गलतियां करते रहेंगे, जैसे कि उन्हें गारंटी ही मिल गई हो। एक दिन क्षमा मांग लेने के बाद दूसरे दिन से ही दुष्टताओं का सिलसिला दिखने लग जाता है।

दुष्टों को क्षमादान देने के कारण ही समाज और देश का सदियों से जो नुकसान होता रहा है उसका खामियाजा हम भी भुगत रहे हैं और हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी भुगतना पड़ेगा।

ईश्वर उन सभी को क्षमा करे जो यह नहीं जानते कि अपनी किन-किन गलतियों के लिए क्षमा मांग रहे हैं।

ईश्वर उन लोगों को भी क्षमा करे जो यह तक नहीं जानते कि सामने वाला किस गलती के लिए क्षमा मांग रहा है।

और ईश्वर उन सभी को क्षमा करे जो क्षमा मांगने और देने की औपचारिकताओं का निर्वाह करने के आदी हो चुके हैं।

वे सभी लोग धन्यवाद, बधाई और सराहना के पात्र हैं जो एक बार क्षमा मांग लेने के बाद जीवन पर्यन्त कोई दूसरी गलती नहीं करते। असल में ये ही लोग हैं जिन्हें क्षमा किया जाना चाहिए। अन्यथा…..।

1 thought on “आखिर क्यों किया जाए क्षमा ?

  1. क्षमा उसी को करें, जो पात्र हो
    अपात्र और आदतन दुष्टों को क्षमा करने से महापाप लगता है। जीते जी कष्ट आते हैं और मरने के उपरान्त नरक यंत्रणा। इसके बाद भी कोई गारंटी नहीं कि अगली योनि अच्छी या सामान्य ही मिले।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *