बहुत महत्वपूर्ण है 22 दिसम्बर 2018 की प्रभात

हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है यह प्रभात

आने वाले 6 माहों का संकेत देगी यह

21 दिसम्बर 2018, शुक्रवार की रात को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे मतलब इसके बाद से ही उत्तरायण शुरू हो जाएगा जो कि छह माह तक रहेगा। स्वर विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो जब भी सूर्य कर्क का हो, तब उसके तत्काल बाद उगने वाले दिन को हमारा प्रातःकालीन जागरण स्वर चन्द्र अर्थात बांया होना चाहिए। इसे दक्षिणायन कहते हैं जो कि 21 दिसम्बर 2018 की रात्रि में पूर्ण हो जाएगा।

इसी प्रकार जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है उसी दिन से उत्तरायण शुरू हो जाता है और यह छह माह तक रहता है। इस तरह पूरा वर्ष 6-6 माह के लिए उत्तरायण और दक्षिणायन रहता है।

सूर्य के उत्तरायण और दक्षिणायन में प्रवेश के उपरान्त आने वाली पहली प्रभात के स्वर को देखकर आने वाले छह माह का भविष्य पता चल जाता है।

कहा गया है – कर्के चन्द्रा मकरे भानु, जीवन-मरण का प्रश्न है जानु। अर्थात् हमारा स्वर यदि स्वर विज्ञान के अनुकूल है तब तो आने वाले छह माह बढ़िया रहेंगे। अन्यथा छह माह सावधानी के साथ बिताने चाहिएं।

21 दिसम्बर 2018, शुक्रवार की रात सूर्य मकर का हो जाएगा। इसके बाद पृथ्वी वासी हम लोग 22 दिसम्बर 2018, शनिवार की प्रभात में नींद त्यागकर जगेंगे। उस जागरण के समय का हमारा स्वर यदि दाहिना RIGHT हो तो आने वाले छह माह अच्छी तरह जाएंगे। इस बारे में निश्चिन्त हो जाना चाहिए। इसलिए प्रयास यह करें कि 22 दिसम्बर की प्रभात में मकर के सूर्योदय के समय हमारी नासिका का दाहिना RIGHT स्वर प्रवाहमान होना चाहिए।

यदि दाहिना स्वर ही चल रहा हो तो बिस्तर छोड़ कर सबसे पहले भूमि पर दाहिना पांव रखें और आगे बढ़ जाएं।

कई बार शारीरिक स्थितियों और अन्य कारणों से यदि सवेरे जागरण के समय दाहिना RIGHT स्वर नहीं चल रहा हो तो बांयी LEFT करवट लेट जाएं, अपने ईष्ट मंत्र का स्मरण करें, मानसिक भावना करें कि अग्नि में स्नान कर रहे हैं, अग्नि सेक रहे हैं या सूर्य की कड़ी धूप में खड़े हैं। इससे स्वर दाहिना RIGHT  हो जाएगा, उसके बाद ही बिस्तर का त्याग करें।

यह वह जादुई विधि है जिसमें हम अपने आने वाले छह माह के भविष्य को निरापद और बेहतर बनाने हैं। और यह सब हम कर सकते हैं। इसलिए प्रभातकाल में उठते वक्त आलस्य न रखें, प्रत्यत्नपूर्वक दाहिने स्वर में उठें।
कुल साधकों के मन में यह शंका हो सकती है कि स्वर विज्ञान की निर्धारित तिथि के अनुरूप कल पूर्णिमा होने से स्वर बांया LEFT  होना चाहिए। यदि सूर्य उत्तरायण का नहीं होता तब तो यह ठीक  था लेकिन चूंकि सूर्य भगवान हमारे जागरण के समय तक मकर के हो जाएंगे और इसके साथ ही उत्तरायण भी आरंभ हो जाएगा, इसलिए इस पहली मकरगत सूर्य की प्रभात में अपनी नासिका का स्वर दाहिना RIGHT होना जरूरी है। यह आने वाले छह माहों की बात है। इसलिए विशेष ध्यान रखें। जब कोई बड़ा लाभ पाना हो तब छोटे लाभ को त्यागना पड़ता है। 22 दिसम्बर 2018, शनिवार की प्रभात ऎसी ही है। 

एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि जो साधक रात्रि में दाहिना RIGHT स्वर करके सोते हैं उनका प्रभातकालीन स्वर गड़बड़ाने की आशंका कम ही रहती है। आमतौर पर अपने आप वही स्वर चलता है जो उस तिथि को होना चाहिए।

4 thoughts on “बहुत महत्वपूर्ण है 22 दिसम्बर 2018 की प्रभात

  1. क्या एक आज के दिन ही बाँए स्वर मे उठने से आगे अच्छा होगा ?मैं तीन चार दिन से दाएं स्वर मे उठ रही थी,किं २२की सुबह मै बाए स्वर मे उठी।अब इसका क्या उपाय है कृपया मार्ग दर्शन कीजिए।

    1. कोई दिक्कत नहीं। कई बार स्वास्थ्य की परेशानियों के कारण ऎसा होता है।
      आज रविवार है। सूर्य के सम्मुख बैठ कर भगवान भास्कर की थोड़ी साधना कर लें। यह ध्यान रखें कि अब रोजाना जागरण के समय अपना वही स्वर रखें जो कि निर्धारित तिथि का है। माह के आरंभिक दिनों में अब शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा, द्वितीया और तृतीया को सवेरे उठते समय अपना स्वर बांया रखें।

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