अनूठी हैं मावजी की बावड़ियाँ

करीब तीन सौ साल पहले अवतरित लीलावतार संत श्री मावजी महाराज का पूरा जीवन चमत्कारों से परिपूर्ण रहा है। उनसे संबंधित अनगिनत रोचक परंपराओं की लम्बी श्रृंखला है और यही कारण है कि आज भी देश भर में उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में है।

संत मावजी महाराज द्वारा स्थापित सभी निष्कलंक धामों पर अवस्थित प्राचीन बावड़ियों का पानी एक जैसा है। इन बावड़ियों का पानी कभी नहीं सूखता। इन सदानीरा बावड़ियों में पुंजपुर, पालोदा, शेषपुर, साबला एवं जूनी शाहबाड़ी (अहमदाबाद) की बावड़ियां प्रमुख हैं।

माव भक्तों की मान्यता है कि इन बावड़ियों का पानी दिव्यता लिए हुए है तथा इससे आरोग्य की प्राप्ति होती है।