राजस्थान विकास में उल्लेखनीय भागीदारी निभा रहा है उदयपुर

विकास के इन्द्रधनुष दर्शा रहे सुनहरी रोशनी का मंजर

जन-जन के उत्थान से लेकर सामुदायिक विकास और आंचलिक तरक्की की रफ्तार पर तेजी से बढ़ता राजस्थान आज समर्पित प्रयासों की वजह से देश के विकास मानचित्र पर अग्रणी पहचान कायम करता जा रहा है।  मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में प्रदेश ऎतिहासिक उपलब्धियों के क्षेत्र में नित नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।

राजस्थान विकास की अपूर्व पहल और दीर्घकालीन स्थायी विकास की सोच के साथ जिन गतिविधियों को मूर्त रूप दिया जा रहा है उसमें उदयपुर जिला भी बराबरी की भागीदारी निभा रहा है।  राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के सार्थक क्रियान्वयन की बदौलत निरन्तर विकास की डगर पर गतिमान उदयपुर जिले की बहुआयामी तरक्की निरन्तर जारी है।

उदयपुर जिला पर्यटन विकास के कई नवीन आयामों का साक्षात करने लगा है। यहां प्रचुरता से उपलब्ध पानी और हरियाली, नैसर्गिक वन-सौंदर्य से भरे-पूरे पहाड़ और सुकूनदायी आबोहवा का ही कमाल है कि यह दुनिया के पर्यटन केन्द्रों की बराबरी पर है। अब उदयपुर स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है। बहुत सी ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुकी हैं और शेष पंचायतों में इस दिशा में अनथक प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के अन्तर्गत जनभागीदारी से पुराने जल स्रोतों को उपयोगी बनाया जा रहा है तथा कई नवीन जल स्रोत विकसित हो रहे हैं। देवास द्वितीय चरण से उदयपुर झीलों को पर्यन्त भरा रखने की सुविधा मिलने के साथ ही पेयजल की दीर्घकालीन उपलब्धता के द्वार खुले हैं।

वानिकी पर्यटन के क्षेत्र में सज्जनगढ़ विकास, गुलाब बाग में बर्ड पार्क का कार्य, जैविक उद्यान, बायोडायवर्सिटी पार्क, फतहसागर पर मेवाड़ दर्शन दीर्घा, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के लोक उत्सवों, आदिवासियों को वनोपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयासों, नगर परिषद के सामाजिक एवं परिवेशीय सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों के साकार होने, सड़क सुविधाओं के विस्तार व चौड़ाईकरण, रेल्वे स्टेशन की द्वितीय एन्ट्री, एक्शन उदयपुर, गर्विलो मेवाड़ आदि नवाचारों के साथ ही कई गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं।

उदयपुर में विकास, स्वच्छता और तमाम सरोकारों के प्रति लोक जागरुकता, जन सहभागिता की अनुकरणीय मनोवृत्ति, चिकित्सा शिक्षा और शैक्षिक विकास के नवीन संस्थागत आयामों के व्यापक विस्तार, आईआईएम, मल्टी यूनिवर्सिटीज की स्थापना आदि उल्लेखनीय हैं।

राज्य सरकार की इस बार की बजट घोषणाओं से जिले की वैकासिक गतिविधियों को और अधिक रफ्तार के साथ ही सर्वांगीण विकास को सुनहरी दशा एवं दिशा प्राप्त होगी।  उदयपुर जिले के लिए की गई बजट घोषणाओं से आंचलिक विकास को सम्बल मिलेगा और जन कल्याण के साथ क्षेत्रीय विकास के संकल्प भी मूर्त रूप ग्रहण करेंगे।

इस बार के बजट में मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने उदयपुर जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें राज्य राजमार्ग जिला उदयपुर में एलसी नम्बर 43 एक्स, बप्पारावल पेनोरमा मठाठा-उदयपुर के कार्य करवाने, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के तहत वन क्षेत्रों, वन्यजीव क्षेत्रों तथा गैर-वन क्षेत्रों में जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने हेतु उदयपुर में परियोजना लागू करने, उदयपुर जिले के एक विकास खण्ड को पूर्ण रूप से जैविक खेती में बदलने हेतु विशेष योजना बनाकर पायलट बेसिस पर कार्य प्रारंभ किए जाने, उदयपुर के 8 आश्रम छात्रावासों में सीटों की वृद्धि, उदयपुर में एक राजकीय मॉडल आवासीय विद्यालय की क्षमता 210 से बढ़ाकर 350 करने, उदयपुर में 11 विद्यालयाें में विज्ञान या कृषि या वाणिज्य संकाय प्रारंभ करने, चिकित्सा महाविद्यालय उदयपुर में 100 एमबीबीएस सीट्स की वृद्धि,  रविन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर में नयी कॉबोल्ट मशीन की स्थापना तथा सीनियर रेजिडेंट हॉस्टल के नवीन भवन का निर्माण की घोषणाएं की हैं।

इसी प्रकार बजट में उदयपुर शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करवाये जाने,  सैनिक विश्रामगृह, उदयपुर के विस्तारीकरण का कार्य करवाने,  खेरवाड़ा उदयपुर में एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना और फूड क्राफ्ट इन्स्टीट्यूट को स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में अपगे्रड किए जाने की घोषणाएं भी की गई है।

राजस्थान ही नहीं अपितु देश भर में तीव्र अनवरत विकास करने वाले क्षेत्रों में पहचान बनाते जा रहे उदयपुर में विभिन्न विकास योजनाओं, कार्यक्रमों, परियोजनाओं और नवाचारों के बेहतर क्रियान्वयन के साथ ही इन बजट घोषणाओं के अन्तर्गत होने वाले कार्यों से आंचलिक विकास और लोक कल्याण की गतिविधियों को और अधिक सम्बल प्राप्त होगा।