उदयपुर जिले में गांव-ढांणियों तक पहुँची स्वच्छता की लहर

लोक जागरण के नवाचारी माध्यम जगा रहे गांव के गांव

 

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत उदयपुर जिले में इन दिनों स्वच्छता से संबंधित तमाम आयामों  में लोक जागरुकता का माहौल परवान पर है। जो गांव ओडीएफ अर्थात खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके हैं उन गांवों में ग्रामीण गर्व  से अभिभूत होकर अपने क्षेत्र को विशिष्ट अनुभव कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में गांव के गांव ऎसे हैं जो खुले में शौच मुक्त घोषित होने को उतावले हैं।

इन गांवों में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की लोक चेतना गतिविधियों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक जुटे हुए हैं। ग्रामीण स्तर पर कार्यरत राज्यकर्मियों के साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी की बदौलत उदयपुर जिले भर में इन दिनों स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियां जोरों पर चल रही हैंं।

सोमवार की भोर मुखर होता है स्वच्छता का पैगाम

इनमें हर सोमवार का दिन मोर्निंग फोलोअप यानि की प्रभातफेरी जैसे माहौल से भरा रहने लगा है।  इस दिन जिले भर में भोर में 5.30 से 7.30 बजे तक मोर्निग फोलोअप  के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम्य जनप्रतिनिधियों द्वारा गांवों में भ्रमण किया जाकर व्यापक लोक जागरुकता पैदा किए जाने का दौर बना हुआ है।

इस दौरान खुले में शौच जाने वाले स्थानों का समूहों में भ्रमण कर समुदाय को जागरुक करने की गतिविधियां अमल में लाई जा रही हैं। लोगों को रोक कर यह समझाइश की जाती है कि वे खुले में शौच न जाएं, अपने घरों में शौचालय बनाकर इनका उपयोग करें।

खुले में शौच से होने वाली बीमारियों, दुष्प्रभावों और शर्मजनक स्थितियों के बारे में समझाइश की जाती है। वार्डों में भ्रमण के लिए बाकायदा सभी स्थानों पर मोर्निंग फोलोअप कमेटियां बनी हुई हैं जिनके माध्यम से हर सोमवार की भोर स्वच्छता का पैगाम गुंजाया जा रहा है।

कई स्थानों पर खुले में शौच के लिए निकले ग्रामीणों को पुष्पमाला पहनाकर समझाये जाने की परंपरा भी बनी हुई है। महिलाओं को समझाईश करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम एवं ग्राम्यस्तरीय महिला राज्यकर्मियों का सहयोग लिया जा रहा है।

जिलास्तरीय, उपखण्डस्तरीय, ब्लॉकस्तरीय एवं ग्राम पंचायत स्तरीय अधिकारियों एवं कार्मिकों की सोमवार को मोर्निंग फोलोअप में भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है।

खुद जिला कलक्टर श्री रोहित गुप्ता और आला जिलाधिकारी भी हर सोमवार की भोर ग्रामीण अंचलों में गुजारकर स्वच्छता के प्रति बेहतर माहौल बनाने और जल्द से जल्द अधिक से अधिक गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की मुहिम में हिस्सेदार बने हुए हैं।