आजमाएं इस करिश्माई मंत्र को

चमत्कारिक है यह मंत्र – स्मरण शक्ति बढ़ाता है, जादुई आवाज देता है

 

प्रातःकाल बिना किसी से बोले निम्न मंत्र का मात्र तीन बार जप कर लें तो जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन अपने आप दिखेगा।

इससे स्मरण शक्ति बढ़ने के साथ ही सदैव तर्क में विजय होगी और हमारा एक-एक शब्द जबर्दस्त रूप से प्रभावशाली होगा।

शर्त यह है कि बिस्तर से उठते ही मुख से सबसे पहले इसी मंत्र का तीन बार उच्चारण करना जरूरी है। अर्थात नींद से जगने के बाद यदि मुँह से कोई शब्द निकलेगा तो यही मंत्र।

वाणी का माधुर्य चाहने वालों और विद्यार्थियों के लिए यह अत्यन्त उपयोगी है। कवियों, लेखकों और साहित्यकारों के लिए यह मंत्र विलक्षण बुद्धि भी प्रदान करता है और उनका लेखन अक्षयकीर्ति प्राप्त करता है।

संस्कृत के मंत्रों, वाक्यों और श्लोकों के उच्चारण में जिन्हें तकलीफ आती है वे यदि इस मंत्र का प्रयोग करें और रोजाना कोई सी संस्कृत रचना ( मंत्र, पाठ या स्तुति) का उच्च स्वर में गान करें तो थोड़े दिनों में संस्कृत उच्चारण और वाणी माधुर्य आ जाता है।

इस मंत्र का प्रभाव सप्ताह भर में दिखना आरंभ हो जाता है। व्यक्ति प्रत्युत्पन्नमति सम्पन्न हो जाता है। भाषण कला, कविता, साहित्य लेखन और तर्क क्षमता में प्रवीण हो जाता है। पढ़ने वाले बच्चे इसके प्रयोग करें तो  उनकी स्मरण शक्ति एवं बौद्धिक ग्राह्यता क्षमता में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ोतरी होती है।

ॐ मा निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः  समाः

यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ॥

                        (श्रीमद्वाल्मीकीयरामायण, बालकाण्ड द्वितीयः सर्गः 15 वां श्लोक)

विद्या-बुद्धि और स्मरण शक्ति के लिए सरस्वती के बीज मंत्र ‘ ॐ ऎं नमः’ का जप करें। जब भी फुरसत में हों, इस मंत्र का जप करें। एक लाख से ज्यादा जप हो जाने पर इसका फायदा अपने आप अनुभव होने लगेगा।

 

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