आज की रात के लिए है यह प्रयोग – आजमाएँ

आज निर्जला एकादशी की रात है। रात्रि में शयन से पूर्व इस प्रयोग को करके देखें। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से जीवन को नई दिशा और सुनहरी दृष्टि का सुकून प्राप्त हो सकता है।

 चिन्ता मुक्ति मंत्र

हम सभी सांसारिकों के जीवन में कई बार यह स्थिति आ जाती है कि क्या करें, क्या नहीं करें। स्वयं निर्णय लेने की स्थिति में नहीं होते।

ऎसी किंकर्तव्यविमूढ़ अवस्था में जब कुछ नहीं सूझ रहा हो, तब रात्रि में सोने से पूर्व हाथ-पैर धोकर बिस्तर पर ही बैठकर गीता के दूसरे अध्याय का सातवां श्लोक यथा संभव (कम से कम 11 बार) कुछ दिन तक जपें।

खासकर एकादशी की रात में सोने से पूर्व इस मंत्र की कम से कम एक माला जपने से प्रातः अनिश्चय की स्थिति समाप्त हो जायगी व कर्तव्य का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः पृच्छामि त्वां धर्मसम्मूढ चेताः।

यच्छ्रेयः स्यान्निश्चितं ब्रूहि तन्मे शिष्यस्तेऽहंशाधि मां त्वां प्रपन्नम्॥

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