ये मरे हुए लोग …

जो मरे हुए लोग हैं वे ही न औरों को जीने देते हैं, न खुद ही जी पाते हैं। आजकल अधिकांश लोगों की आत्मा कहीं पलायन कर चुकी होती है और खुद पराये वेंटीलेटरों के भरोसे कभी अधमरे और कभी मरे हुए, पेण्डुलम की तरह हरकत करते रहते हैं।

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