देश के सबसे बड़े दुश्मन हैं ये सुपर भिखारी बिकाऊ लोग

बिकने वाले लोग न समाज के हो सकते हैं न देश के। इन पर कभी भी किंचित मात्रा में भी विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।

ये लोग संसार में अपने आपको बिकवाने के लिए ही पैदा हुए हैं और इन्हें पैसों, भोग या लालच देकर कभी भी खरीदा जा सकता है। फिर जो एक बार बिकना शुरू हो जाता है वह बिकने के मामले में पूरी तरह नंगा और बेशर्म हो जाता है।

सदियों से समाज और देश का कबाड़ा इन्हीं लोगों के कारण हुआ है। कभी सिंहासन पाने, शोहरत पाने, कभी किसी रमणी पर आसक्त हो जाने, कभी मुद्रांध, मोहांध और वासनान्ध हो जाने, कभी जड़ता और मूर्खता, ड्रग्स माफिया से पैसा कमाने, कभी जमीन के टुकड़ों को मुफत में पा जाने जैसे ढेरों कारणों ने इतिहास को कलंकित किया है।

इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाले लोगों में महान भारत के बिकाऊ भी पीछे नहीं हैं। अपने आस-पास और अपने क्षेत्र में भी खूब सारे बिकाऊ हैं, इनकी सूची बनाएं और अनुभव करें कि किस तरह ये लोग सामाजिक व्यवस्था और देश की अस्मिता को दीमक की तरह खा रहे हैं।

राष्ट्रघातियों के साथ रहना, साथ देना और इनसे खान-पान और वाणी व्यवहार रखना भी महापाप है, नरक यातना देता है। असल में इन लोगों का खात्मा कर दिया जाए तो देश की आधी से अधिक समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएं।

इस मामले में गीता के कर्मयोग को ध्यान में रखकर धर्मसंगत युद्ध की आवश्यकता है। चुपचाप देखते न रहें, अपने आपके जिन्दा होने और देश के लिए जीने का माद्दा होने का परिचय दें।

जो लोग वर्णसंकर होते हैं वे ही पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, आतंकवादियों और नक्सलियों को पनाह देते हैं, राम मन्दिर या भारतीय संस्कृति, परंपराओं का विरोध करते हैं। इनका डीएनए टैस्ट करवा लो, सत्य स्वतः प्रकट हो ही जाएगा।