सफलता की कहानी माँ-बेटों का विवाद हुआ खत्म 12 साल बाद बंटवारे ने बहाल की शांति

इस विवाद की अपनी अलग ही कहानी है। भूमि विवाद की वजह से इस परिवार में तनातनी का माहौल हमेशा गरमाता रहा। जमीन को लेकर माँ और पुत्रों में आपसी विवाद इतना अधिक था कि एक दूसरे से संपर्क-संवाद तक का माधुर्य खत्म हो चुका था। सभी एक दूसरे से नज़रें चुराने लगे थे। इसी बीच राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार आया और इसके शिविर ने कमाल दिखा दिया। माँ-बेटों का विवाद खत्म भी हो गया और प्रकरण से जुड़े सभी लोगों ने शांति बनाये रखने का संकल्प भी ले लिया।

यह बात है उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र अंतर्गत सालेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर हाल ही आयोजित राजस्व लोक अदालत कैम्प कोर्ट की। इसमें प्रकरण संख्या 380/13 कस्तुरी बाई बनाम सुरेशपुरी वगैरह ख़ास रहा।

माँ-बेटों के बीच जमीन विवाद की लम्बी कहानी से भरे इस मामले में भूमि विवाद की  वजह से पुत्र अपनी माँ से काफी खफा था। शिविर में भी इस मामले को लेकर परिवार वालों में व्यापक आक्रोश देखने को मिला।

शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी मुकेश कुमार कलाल ने अपनी चिर परिचित दार्शनिक अंदाज भरी शैली में आध्यात्मिक दर्शन का पुट देते हुए खूब समझाईश की तब कहीं जाकर परिवार के सभी लोगों को समझ आई व सहमति बनी।

दो घंटे की समझाईश के बाद राजीनामा बना। यहीं नहीं तो भविष्य में किसी भी प्रकार का लड़ाई-झगड़ा नहीं करने व शांति के साथ रहने के शपथ पत्र भी पेश किये गये।

इसके बाद परिवार जनों को डिक्री जारी कर हक अधिकार दिये गये। इस दौरान विकास अधिकारी जितेन्द्र सिंह राजावत, तहसीलदार भंवरलाल सुथार, नायब तहसीलदार नरेन्द्र कुमार औदीच्य, रीडर नारायणलाल नगारची, सरपंच श्रीमती अन्नु जणवा, पूर्व सरपंच सूरजमल मेनारिया सहित भू अभिलेख निरीक्षक, पटवारीगण एवं ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने उपखण्ड अधिकारी की समझाईश शैली को दाद दी।