निष्काम सेवा का अविरल बहता झरना है सेवाभारती

मानव सेवा ही प्रभु सेवा है। इस भाव को धारण करते हुए जो कुछ सेवा की जाती है उसे ही असली और निष्काम सेवा कहा जाता है। और इस सेवा को ही वास्तव में सेवा-परोपकार कहा जा सकता है। भारतवर्ष में लोक सेवा और परोपकार की इसी आदि परंपरा को निर्वाह करते हुए आज भी कई संस्थाएं हैं जो इन मूल्यों पर जी रही हैं। इन्हीं में सेवा भारती वह संस्था है जिसकी प्रामाणिकता और विश्वसनीयता का हर कोई कायल रहा है।

सेवाभारती देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक सेवा के विभिन्न आयामों को जिस प्रकार साकार कर रही है वह मानवता की सेवा का स्वर्णिम और अनुकरणीय इतिहास ही कहा जा सकता है। हिन्दुस्तान भर में सेवा भारती के 10 हजार से ज्यादा केन्द्र हैं जो राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से सामाजिक सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। यह देश के 600 से अधिक जिलों में एक वर्ष में डेढ़ लाख से ज्यादा गतिविधियां संचालित करती हुई सेवा क्षेत्रों को आकार देने में जुटी हुई है।

सेवा भारती राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तीसरे सरसंघचालक परम पूज्य बाला साहब देवरस की प्रेरणा से शुरू हुई और उसके बाद से ही निरन्तर सेवा भाव से लोगों की सेवा में लगी रही है। सेवा भारती का प्रमुख काम समाज में उपेक्षित वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है और इसके लिए यह संस्था तन-मन और धन से काम कर रही है।

ढेरों प्रकल्पों के जरिये देश के विभिन्न हिस्सों में सेवाभारती अपने रचनात्मक सेवा कार्यों में समर्पित है।  चाहे गुजरात का भूकम्प हो या बिहार और उत्तराखण्ड की बाढ़ या सुनामी का कहर, सेवा भारती हर मौके पर लोगों को राहत देने में आगे है। सेवा भारती गरीब और कमजोर बच्चों की मदद के लिए उन्हें पुस्तकें, छात्रावास और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराती है। सेवा भारती हर कदम पर लोगों के विकास में जुटी हुई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सेवा भारती देखभाल केन्द्र, क्लीनिक, मोबाइल सेवा और पुनर्वास के माध्यम से गरीबों की मदद करती है।

सेवा भारती गरीबों को मुफ्त दवा वितरण, रक्तदान जैसे महान कार्यों में सदैव आगे रही है।  इसके साथ ही एड्स और स्वाइन फ्लू के खिलाफ जागरूकता अभियान और विकलांग बच्चों की मदद के लिए भी सेवा भारती सेवा का दायित्व निभाती रही है।  नेत्रदान, बच्चों में अंधापन और लोगों की आँख की बीमारियों के लिए सेवा भारती शिविर लगाकर उपचार करा रही है। आदिवासी भाइयों, गरीबों और कच्ची एवं पिछड़ी बस्ती के निवासियों की सेवा में यह पीछे नहीं है।  पर्यावरण और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए काम करती है। इसी प्रकार सेवाभारती देश में सामाजिक सेवा के तमाम सरोकारों के निर्वाह और लोक कल्याण के क्षेत्र में जो काम कर रही है वह अनुकरणीय है।