देवी साधना के रहस्य

देवी साधना के रहस्य

देवी साधना रात्रिकाल में करना ज्यादा फलदायी होता है।

देवी मन्दिरों में देवी के दर्शन से पूर्व भैरव और देवी के वाहन सिंह के दर्शन व पूजन कर लें।

किसी भी देवी की साधना करें, इससे पूर्व भगवान भैरवनाथ का स्मरण जप कर लें। इसके बाद देवी साधना की शुरूआत करें। इससे भैरवनाथ हमारी साधना में जल्दी सफलता के लिए हमारे सहायक के रूप में साथ होते हैं ।

देवी के नवार्ण मंत्र के आगे ॐ का विधान नहीं है। हालांकि दुर्गा सप्तशती एवं दैवी उपासना की कई पुस्तकों में  ॐ मंत्र के आगे लगाया हुआ जरूर दर्शाया गया है। लेकिन तंत्र विज्ञान और दैवी साधना के सिद्धों व ऋषियों के अनुसार नवार्ण के आगे प्रणव का विधान नहीं है।

तीनों बीज अपने आप प्रणव का काम करते हैं। जो लोग देवी साधना करते हैं उन्हें यदि और अधिक बेहतर फल चाहिए तो वे नवार्ण मंत्र के आगे से ॐ को हटा कर मंत्र का जप करें। इससे सिद्धि जल्दी प्राप्त होगी।

इसका आरंभिक लक्षण यह है कि मंत्र जप एवं ध्यान करते समय आज्ञा चक्र में हल्का स्पंदन होने की अनुभूति होगी।

One comment

  1. Very nicely