रावण से जुड़ी अनूठी तंत्र क्रिया देती है बरकत

रावण दहन कई तांत्रिक क्रियाओं से भी जुड़ा हुआ है।  जानकारों की मानें तो रावण दहन के उपरान्त अगले दिन पुतले के दहन में अधजली रह जाने वाली लकड़ियों, बाँस की खपच्चियों को रावण की अस्थियों की तरह माना जाता है। वाम मार्ग के जानकार तांत्रिक लोग इन अधजली लकड़ियों को इकट्ठी कर अपने घर ले जाते हैं और गंगा जल से साफ धोकर पूजा-अर्चना के बाद लाल कपड़े में बांध कर अपनी तिजोरी या भण्डार गृह में रख दिया करते हैं। ऎसा माना जाता है कि इससे सुख-सम्पदा बढ़ती है। बहुत से लोग हैं जो आज भी इस तंत्र मार्ग का प्रयोग करते हैं। इनका मानना है कि इससे घर में धन और स्वर्ण की आवक बढ़ती है।