अभिशप्त होते हैं ऎसे सम्मान और पुरस्कार, अर्थहीन होती है तारीफ

तारीफ, छपास, सम्मान, अभिनंदन और पुरस्कार ऎसे शब्द हैं जो हर इंसान के लिए महत्वपूर्ण हैं और दुनिया के अधिकांश लोग इन्हीं के दीवाने होकर पीछे पागलों या आधे पागलों की तरह भटकते देखे जा सकते हैं। आजकल यों भी आदमी जो कुछ करता है वह औरों के लिए, समाज और देश के लिए नहीं करता, बल्कि खुद की प्रशस्ति ... Read More »

ढपोड़शंखी शोर पीपों और गगरियों का

जो भरा हुआ है वह इतना भारी होता है कि उसे अपने अस्तित्व और प्रभाव को साबित करने के लिए किसी भी प्रकार के शोरगुल, प्रोपेगण्डा और हरकतों का सहारा लेना नहीं पड़ता। उसकी मौजूदगी ही अपने आप में काफी है। भावों, संस्कारों, आदर्शों और मूल्यों से जो भरा हुआ है उसका हर कर्म खुद ब खुद बोलने लगता है ... Read More »

न घास डालें, न गुलाबजामुन परोसें

हममें से बहुत बड़ी संख्या में लोग हैं जो मानसिक स्तर पर इतने अधिक संवेदनशील और धीर-गंभीर हैं कि हमारे बारे में कोई भी थोड़ा-बहुत कुछ भी कह दे तो हम  तनावग्रस्त होकर परेशान हो जाते हैं और घण्टों व कई-कई दिनों से लेकर महीनों तक यही सोचते रहते हैं कि आखिर ऎसा क्यों कहा, किस कारण से कहा होगा ... Read More »

भला करे इंसान, बुरा करे वो हैवान

भलाई करना भगवान का काम है और काम बिगाड़ना राक्षसों का।  इस मामले में दुनिया में मनुष्यों की कुल दो प्रकार की प्रजातियां ही मानी जानी चाहिएं। जो लोग नेक-नीयत रखते हुए ईमानदारी से काम करते हैं, परिश्रम से प्राप्त कमाई से जीवन चलाते हैं और दूसरों की भलाई के कामों में किसी न किसी रूप में हाथ बँटाते हैं, ... Read More »

सेक्स में असन्तुष्ट है, वही होगा सनकी और विध्वंसक

विषय थोड़ा अटपटा जरूर है किन्तु यथार्थ और सत्य के इर्द-गिर्द ही केन्दि्रत है और सांसारिकों एवं संसार का वह नग्न सत्य है जो हर कोई सुनना, जानना एवं समझना चाहता है किन्तु खुद से नहीं बल्कि औरों से। कोई भी इंसान जन्म से सनकी, उन्मादी और खुराफाती नहीं होता। भगवान ने सभी को समस्त प्रकार की क्षमताओं और सामथ्र्य ... Read More »

अभिशप्त है इनका दाम्पत्य जीवन

सामाजिक प्राणियों के बीच विवाह का परंपरागत और धर्मसम्मत बन्धन अपने आप में जीवन भर के लिए दाम्पत्य माधुर्य का वह दरिया है जो हमेशा पूरे वेग से बहता रहना चाहिए, तभी जिन्दगी का आनंद प्राप्त हो सकता है। जो अविवाहित हैं, जिन्हें अपने मनोनुकूल वर या वधू नहीं मिल पा रहे हैं, उन्हें देखियें, जिन्हाेंंने अपने वैवाहिक जीवन के ... Read More »

यही हैं दुर्भाग्यशाली मनहूस

हम लोग अक्सर अपने भाग्य को कोसते या सराहते हैं। अधिकांश लोग अपनी किस्मत के प्रति अधिक श्रद्धावान नहीं होते। उन्हें लगता है कि भगवान ने उनका भाग्य अच्छी तरह नहीं लिखा, भाग्यरेखाओं के अंकन या लम्बाई बढ़ाने में कहीं न कहीं कोई कमी छोड़ दी है। जब भी अनमना कुछ होता है तब भाग्य को कोसते नज़र आते हैं ... Read More »

खोखले लोग, खोटे करम

इस रहस्य से बहुत कम लोग वाकिफ होंगे कि जिन लोगों को हम बड़ा, महान, पूज्य और सर्वश्रेष्ठ मानते रहते हैं उनमें से कुछ फीसदी ही ढंग के होते हैं जिन्हें वास्तव में श्रेष्ठ स्वीकारा जा सकता है अन्यथा इन बड़े लोगों में अधिकांश खोखले ही हुआ करते हैं। यदि ये अपने खोखलेपन और कमजोरियों को ढकने के ताम-झामों और ... Read More »

दूर भगाएं टाईमपास फालतुओं को

हमारे जीवन भर का पचास से सत्तर फीसदी समय फालतू की चर्चाओं और बेकार के कामों में नष्ट होता है। इस समय का यदि हम सदुपयोग करना सीख जाएं तो दुनिया में नाम कमाने लायक बन सकते हैं लेकिन इसके लिए जीवन में बहुत तरह के संयम की जरूरत होती है जो सामान्य लोग रख नहीं पाते। और इसीलिए भीड़ ... Read More »

अपनों को दें भरपूर प्यार

प्यार शब्द हमेशा से चर्चाओं में रहा है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के लिए यह शब्द गुदगुदाहट और रोमांच जगाने के लिए काफी है।  बात केवल स्त्री और पुरुष के बीच प्यार भरे रिश्तों की नहीं है, बल्कि यह जगत के तमाम जीवों और सृष्टि के प्रत्येक तत्व से प्रेम की है। केवल जीवन्त से ही नहीं बल्कि जड़ ... Read More »