हर पल हो यादगार

every-moment-memorable जीवन का सुनहरा पक्ष है हर दिन नयापन और हर घटना यादगार। जीवन में आनंद की प्राप्ति और  अभिव्यक्ति दोनों के लिए यह जरूरी है कि अपना हर क्षण ताजगी भरा हो। इसके लिए नित नवीनता का समावेश जिन्दगी के प्रत्येक पहलू में होना जरूरी है। खासकर व्यक्ति की वैचारिक भावभूमि पर  सात्विक संकल्पों के अनुरूप शाश्वत बीजों का ... Read More »

किस काम के हैं ये बिकाऊ और भटकाऊ बुद्धिजीवी

समाज और देश को बुद्धिजीवियों पर भरोसा था। उनके नीर-क्षीर विवेक पर गर्व था। यह विश्वास था कि इनकी बुद्धि से सबका भला होगा, देश की उन्नति में योगदान दिखेगा, नवनिर्माण और विकास की धाराओं को सम्बल प्राप्त होगा और ऎसा कुछ हो सकेगा कि दुनिया में अपने मुल्क का नाम इनकी वजह से ऊँचा होगा। पर ऎसा हो नहीं ... Read More »

कर्म करो या करने दो, जियो और जीने दो

भारत भोग भूमि नहीं कर्म भूमि है। इसमें धर्म, अर्थ और मोक्ष के उपायों की अपेक्षा कर्मयोग को अधिक महत्व दिया गया है। संसार श्रेष्ठ कर्मों के लिए अपार संभावनाओं से भरा है। जब तक रुचि और क्षमताएं हैं तब तक कर्म करें, न कर पाएं तो दूसरों को कर्म करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए भरपूर मदद दें। आसक्ति ... Read More »

स्मृति शेष – वास्तु महर्षि चन्दूलाल सोमपुरा

हमेशा के लिए अस्त हो गया सुनहरे चन्द्र का एक युग श्री चन्दूलाल सोमपुरा यानि की वास्तुसिद्ध, वास्तुविज्ञानी और भूगर्भज्ञानी चन्दूभाई तलवाड़ा वाले। न केवल सोमपुरा समुदाय बल्कि पूरे वागड़ क्षेत्र का नाम गौरवान्वित करने वाले चन्दूभाई अब नहीं रहे। शुक्रवार रात उनका निधन हो गया। वह महान हस्ती उस पावन धाम को चली गई जहाँ से किसी का लौटना ... Read More »

सुरमा ने दिया सुनहरा भविष्य

लगातार व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के दौर में आजीविका का जुगाड़ करना कितना मुश्किलों भरा है इसे समझना आसान है लेकिन बांसवाड़ा में एक शख़्स ऎसा है जिसने आँखों में सुरमा लगाने का हुनर अपनाया और इसे अपनी आजीविका का साधन बनाने के साथ ही लोकप्रियता भी हासिल की। हालांकि वर्तमान युग में सुरमे का प्रचलन करीब-करीब खत्म सा ही हो गया ... Read More »

दोष न दें इन बेचारों को

कई बार हम उन लोगों से कुछ न कुछ अपेक्षाएं पाल लिया करते हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि ये बड़े और प्रभावशाली लोग हैं या प्रभावशालियों की अनुचरी में लगे हुए हैं अथवा आगे-पीछे घूमने वाले हैं। ये लोग किसी ओहदे पर भी हो सकते हैं, बिना ओहदेदार भी हो सकते हैं, गृहस्थ भी हो सकते हैं ... Read More »

MOST IMP TIPS : यों करें सोशल मीडिया का कबाड़ा

फेसबुक, व्हाट्सएपव हो या और कोई सा ग्रुप। हर ग्रुप किसी न किसी विशेष उद्देश्य से बनता है अन्यथा ग्रुप बनाने की जरूरत ही क्यों पड़ती। लोग ग्रुप बना डालते हैं लेकिन ज्यादा चल नहीं पाते, थोड़े दिनों बाद लोग बोर होकर छोड़ देते हैं।  इस तरह किसी भी ग्रुप को खत्म किया जा सकता है। जो ग्रुप जिस किसी ... Read More »

भगवान को नहीं चाहिए पैसा

ईश्वर सर्वोपरि सत्ता है जिसकी कृपा से दृष्टि से लेकर सृष्टि तक का अस्तित्व है। ईश्वरीय सत्ता में प्रगाढ़ विश्वास करने वाले लोग इसे अच्छी तरह समझते हैं जबकि बाहरी मन से ईश्वर की बात करने वाले कई जन्मों में भी समझ पाने लायक नहीं हो पाते। अपने सुख-दुःखों और ऎषणाओं से भगवान का कोई संबंध नहीं है बल्कि इनका ... Read More »

कृतघ्न नहीं, कृतज्ञ बनें , यूज़ एण्ड थ्रो की आदत छोंड़ें

हमेशा मस्त रहने के लिए दो बातों का होना सर्वाधिक जरूरी है। जीवन व्यवहार को सुन्दर बनाने के लिए कृतघ्नता का परित्याग करें और कृतज्ञता अभिव्यक्त करना अपनी आदत में ढाल लें। इन दो बातों को अपनाने मात्र से व्यक्तित्व में ताजगी भरी वह गंध आ जाती है कि हर कोई अपना होने को चाहता है। सभी को इन मानवीय ... Read More »

जरा परखें उन लोगों को जो पाँव छूने के आदी हैं

पाँव छूने वालों की भी अजीब किस्में हैं। एक प्रजाति ऎसी भी है जो जिन्दगी भर पाँव छू छूकर अपने काम निकलवाते रहते हैं, अपने स्वार्थ पूरे करते रहते हैं और दूसरों को खुश करते रहते हैं। Read More »