धर्मक्षेत्रे – वागड़ में श्रावण मास की खण्डित पूर्णाहुति

वागड़ अंचल में अमान्त पद्धति के अनुसार श्रावण मास 21 अगस्त, सोमवार को समाप्त होगा। जो लोग श्रावण मास के व्रत करते हैं उनके लिए व्रत का उद्यापन कुछ स्थानों पर अमावास्या को ही हो जाता है। पूरे माह व्रत रखकर व्रत के अंतिम दिन अमावास्या को ही पूर्णाहुति कर दिए जाने के बाद भोजन-प्रसाद ग्रहण कर लिया जाता है। ... Read More »

अमृत कलश

पितरों के संदर्भ को छोड़कर दक्षिण दिशा की ओर मुँह कर भोजन न करें। अपने जूते-वाहनों आदि का मुँह (अगला सिरा) दक्षिण दिशा की ओर न रखें। इससे बीमारी और अनिष्ट की आशंका बनी रहती है। Read More »

ऊपर जाने का रास्ता

उन सभी लोगों को यह रास्ता दिखाएं जो किसी काम के नहीं हैं। बहुत से बड़े-बड़े भवनों में यह वाक्य यों ही नहीं लिखा जाता। जितना बड़ा आदमी, उतने रास्ते जरूरी हैं ऊपर जाने के। हमारे आस-पास भी खूब सारे लोग हैं, जिन्हें यह रास्ता दिखाना बहुत जरूरी हो चला है। Read More »

नशाखोर नहीं होते भरोसे लायक

यों तो आजकल आदमी पर भरोसा खत्म होता जा रहा है। किसी पागल, आधे पागल या जानवर पर एक हद तक भरोसा किया भी जा सकता है लेकिन आदमी अब भरोसेलायक रहा ही नहीं। कुल जमा विस्फोटक भीड़ में बहुत से आज भी ऎसे हैं जिन पर आँख मूँद कर भरोसा किया जा सकता है लेकिन इनकी संख्या नगण्य है। ... Read More »

जहाँ पैसा,  वहाँ पाखण्ड

काम-धंधों, नौकरियों, कारोबार आदि में व्यापारिक मानसिकता और लाभ-हानि का गणित होता है क्योंकि इनका उद्देश्य धन कमाना ही है जबकि सेवा, धर्म और दैवीय प्रकल्पों और गतिविधियों से जुड़े हुए क्षेत्रों में पैसा उगाहने, मांगने और संग्रह करने की प्रवृत्ति विशुद्ध रूप से अधर्म ही है और जहाँ इन क्षेत्रों में पैसों और पूंजीपतियों को महत्व दिया जाता है ... Read More »

विनम्र सुझाव – कितना अच्छा हो यदि ऎसा हो जाए तो

हर सरकारी पत्र/आदेश के हीडर में कार्यालय का फोन नम्बर, ईमेल एड्रेस अनिवार्य रूप से अंकित हो। इस पर जिस अधिकारी के हस्ताक्षर हों, उसके पद नाम या मोहर के नीचे उसका व्हाट्सअप युक्त मोबाइल नम्बर अंकित हो। इससे राज-काज की गति तीव्र होगी तथा किसी भी व्यक्ति को टेलीफोन डायरेक्टरी खंगालने या पीए-पीएस से फोन/मोबाइल नम्बर पूछने की आवश्यकता ... Read More »

मोबाइल टूट जाए तो सुकून मानें

अक्सर लोगों के मोबाइल किसी न किसी समय नीचे गिरकर या और किसी कारण से अचानक टूट जाया करते हैं। और कुछ नहीं तो स्क्रीन का काँच ही टूट जाएगा या और कोई क्षति हो जाएगी।  इस स्थिति में लोग घबरा जाते हैं। मोबाइल टूटने पर घबराहट स्वाभाविक है क्योंकि महंगे मोबाइल का यों ही टूट जाना सभी का अखरता ... Read More »

आज की बात

चाण्डाल चौकड़ी – किसी को भी ठिकाने लगाने के लिए चार ही काफी हैं। आग की हाण्डी पकड़ने वाले तो किराये के भी मिल जाते हैं। दुष्टाें से न प्रेम करें, न उन पर भरोसा। क्योंकि ये धोखेबाज दगाबाजी के लिए ही पैदा होते हैं।  बिल्ली यदि आकर्षित हो तो चूहों को नहीं मानना चाहिए प्यार का भ्रम। क्योंकि बिल्लियाँ ... Read More »

राष्ट्रघाती हैं व्यक्तिपूजा करने वाले

जब तक समाज और राष्ट्र का सार्वभौमिक कल्याण सभी के केन्द्र में होता है तब तक समाज तरक्की करता रहता है और राष्ट्र सुरक्षित।  वैयक्तिक जीवन, लोकजीवन और परिवेश में जो भी कर्म हों, वह यदि समाज के बहुविध कल्याण के लिए हों, इनमेंं देशभक्ति का पुट हो, धर्म, सत्य,न्याय और लोक मंगलकारी दृष्टि हो, सत्यासत्य का विवेक समाहित हो, ... Read More »

बेमौत मरते हैं ये लोग …

जड़-चेतन पिण्ड से लेकर समूचा ब्रह्माण्ड पंच तत्वों की माया से ही रचित है और इन्हीं का संयोग-वियोग और मिश्रण पदार्थ भाव, गुणों और अस्तित्व को आकार देता है। फिर चाहे वह प्रकृति हो या पुरुष। सृष्टि सृजन के मूल मेंं पंचतत्वों की ही माया है। पृथ्वी, जल, आकाश, वायु और अग्नि को निकाल दिया जाए तो सृष्टि की कल्पना ... Read More »