परम्परा जारी है  ……

राजस्थान सरकार के माननीय मंत्री श्री जीतमल खाँट को उदयपुर यात्रा के दौरान सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका सुजस भेंट। Read More »

यादगार …

राजस्थान सरकार के माननीय मंत्री श्री जीतमल खाँट से आत्मीय मुलाकात। बरसों बाद हुई मुलाकात ने आत्मीयता का ज्वार उमड़ा दिया। आभारी हूँ आदरणीय मंत्री महोदय का।  गोविन्द गुरु और मामा बालेश्वर दयाल की परंपरा का निर्वाह करने वाली लोकप्रिय हस्ती के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान है।  वागड़ का यह रुतबा हमेशा कायम रहे। जै गुरु। Read More »

तुम एक पैसा दोगे – वो दस लाख देगा

लूटेरे बाबाओं को दोष न दें, इन गरीबों को पैसा दें, धर्म के नाम पर पैसा जमा करने वाले भिखारियों और मंगतों के लिए अलग से बीपीएल बाबा अखाड़ा बनना चाहिए ताकि सम्मान से भीख बटोर सकें। इन्हें दी जाने वाली भीख को आयकर से मुक्त रखा जाना चाहिए। इन्हीं में से हर राज्य में कम से कम एक बाबा ... Read More »

असुर ही हैं पारिवारिक सुख छीनने वाले

विश्व की लघुतम इकाई परिवार है। इसी से समुदाय, क्षेत्र, प्रदेश एवं देश बनता है और दुनिया के रूप में पृथ्वी पर मानव समुद्र का सृजन करता है। घर-परिवार से लेकर दुनिया का कोई सा महानतम या दुश्कर कार्य हो, वह परिवार से हमारे रिश्तों पर निर्भर करता है। जो इंसान जितना अधिक पारिवारिक होता है वह उतना अधिक इंसानियत ... Read More »

जरूरी है अभिव्यक्ति कौशल

ज्ञान, भक्ति और कर्म सभी मामलों में यथासमय यथोचित प्रकटीकरण जरूरी है। अभिव्यक्ति अपने आप में व्यक्तित्व का वह अहम् पहलू है जो हमारे पूरे जीवन और लोक व्यवहार को परिभाषित भी करता है और प्रभावित भी। अभिव्यक्ति के मामले में कई तरफा इंसान सामने आते हैं। लोगों की एक किस्म केवल और केवल काम में विश्वास रखती है उसे ... Read More »

हमसे बेहतर हैं कचरा बीनने वाले

वे लोग कितने अच्छे और भले हैं जो दिन-रात अक्सर सब जगह पाए जाते हैं अपनी पीठ पर बड़े-बड़े बोरों को लादे हुए, इधर-उधर घूमते हुए जहाँ कहीं कचरा, प्लास्टिक और अनुपयोगी सामग्री पर लपक पड़ते और बोरी के हवाले करते हुए दिख ही जाते हैं। इन लोगों की निगाह अधिक इतनी पैनी हुआ करती है कि ये लोग चाहे ... Read More »

बचाएँ आत्म ऊर्जा

‘सेव इनर्जी’ केवल नारा ही नहीं है बल्कि जीवन विज्ञान का वह महत्त्वपूर्ण पक्ष है जो हर किसी को प्रभावित करता है। जीवन भर की संचित साधना और परिश्रम से अर्जित ऊर्जा  को अंतिम समय तक बचाए रखने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए क्योंकि जीवन में किस समय किस बड़ी आफत से सामना हो जाए, कब अपने किसी काम के ... Read More »

खान-पान में बाल आना दोष का संकेत

खाने-पीने में बाल आना शाकिनी दोष है। जिन लोगों के भोजन-पानी में बाल आते हैं उन्हें चाहिए कि करीब आधी रात को सोते समय एक रोटी अपने शरीर से सात बार उतारकर अपने पास के किसी चौराहे पर फेंक दें। पीछे मुड़कर न देखें,  जाते-आते वक्त कुछ न बोलें, चुपचाप रहकर यह कार्य करें। घर आकर हाथ-पांव धो कर सो ... Read More »

खुशहाल रहते हैं पत्नी का सम्मान करने वाले

पत्नी कभी भी पति को नहीं डाँट सकती है। पत्नी की हर डाँट को प्यार मान लेना चाहिए। सारी शंकाएं खत्म। पत्नी की डाँट अपने आप में गहरे प्यार का प्रतीक है। जो पति इसे समझ जाते हैं वे निहाल हो जाते हैं और जिन्दगी भर आनंद में रहते हैं। जो नहीं समझ पाते हैं उनका भगवान भी कुछ नहीं ... Read More »