भटक गए हैं हम सब

वर्तमान पीढ़ी के शारीरिक सौष्ठव को देख कर कहीं नहीं लगता कि हम स्वस्थ और मस्त हैं। अति दुर्बल या अति स्थूल होती जा रही…

हमसे बड़ा आवारा कौन ?

पिछले कुछ दशकों से आवारा पशु हर जगह कुछ-कुछ दिन में चर्चाओं में आते रहे हैं। आवारा से सीधा अर्थ निकलता है अनियंत्रित, मर्यादाहीन, उन्मुक्त…

न अटकें, न भटकें

प्रतिक्रिया एक ऎसा शब्द है जो जीवन भर हर कर्म और विचार में समाया रहता है। कर्मयोग की विभिन्न धाराओं और उपधाराओं में प्रतिक्रिया न…

जुझारू राष्ट्र चिंतक – श्री परमेश्वरलाल भावसार

राष्ट्रवादी विचारधारा से ओत-प्रोत और संघर्षशील व्यक्तितव के रूप में बांसवाड़ा के श्री परमेश्वरलाल भावसार का कोई सानी नहीं। उग्रवादी सोच और कठिन संघर्ष के…

व्हाट्सअपिया गरुड़ पुराण ….

व्हाट्सअप ने क्या से क्या कर डाला, जीवनशैली में आया आमूलचूल बदलाव, हम उनके आभारी हैं जो व्हाट्सअप पर ब्रह्माण्ड भर का ज्ञान, चित्र और…

उल्लू बनाओ – मौज उड़ाओ

मानवीय सभ्यता में जब तक पूर्ण अनुशासन के भाव विद्यमान थे तब तक हर व्यक्ति अपने-अपने काम में लगा रहता था। किसी के पास भी…