झूठे होते हैं कसम भरोसी

आदमी को आदमी पर भरोसा नहीं रहा। आदमी की बातों पर भरोसा नहीं, कामों पर भरोसा नहीं और सोच-विचार पर भी नहीं। पहले आदमी भीतर-बाहर एक हुआ करता था, कथनी और करनी में कोई फेर-फार नहीं हुआ करता था और आदमी तथा उसकी हर बात भरोसे करने लायक हुआ करती थी। पिछले कुछ दशकों में आदमी की जात इतनी अधिक ... Read More »

बचकर रहें इनसे

कोई कितना ही अच्छा, शुद्ध, पवित्र और सदाचारी क्यों न हो, यदि उसके आस-पास या साथ वाले लोग अच्छे न हों, जिस स्थान पर हम अधिकांश समय गुजारते हैं, उस स्थान का माहौल ठीक न हो, नकारात्मकताओं से भरा परिवेश हो, तो हमारी तरक्की तो बाधित होगी ही, हमारा सौभाग्य भी दुर्भाग्य में बदल जाएगा और दृश्य तथा अदृश्य दुष्ट ... Read More »

बौद्धिक आतंकवाद

साधना और श्रद्धा एकान्तिक विषय हैं और भगवदीय मार्ग के प्रचार-प्रसार के लिए इनसे जुड़े विषयों पर चिन्तन-मनन और जिज्ञासुओं तक जानकारी का संवहन होना चाहिए। इसी प्रकार भगवान की मूर्तियों और तस्वीरों के दर्शन तथा कर्मकाण्ड का भी श्रद्धा से गहरा रिश्ता रहा है लेकिन आजकल धर्म के मूल मर्म से जुड़ी बातें गायब हैं और इनके स्थान पर ... Read More »

आत्मीयता का प्रपात, लोकसेवा के पर्याय भाई श्री सुरेश पाठक

हर दिल अजीज, असंभव को संभव कर देने वाला टाईगर नहीं रहा विश्वास आज भी नहीं होता, पर नियति के शाश्वत सत्य को स्वीकार करने के सिवा और कोई चारा भी नहीं।  अभी 9 अक्टूबर 2017 सोमवार की ही बात है। मनहूस संध्या काल के कपाल पर कुछ ऎसा लिख गई है कि जिसे कोई पढ़ न सका। केवल सूचना ... Read More »

झूठों की भरमार

किसी भी इंसान की टोह लेनी हो तो सबसे पहली कसौटी यही है कि वह झूठा है या सच्चा। जो इंसान सच बोलता है वही सच्चा है। जो झूठ बोलता है उसे सच्चे इंसान की परिधि में नहीं रखा जा सकता। जो इंसान झूठ बोलता है, चाहे वह झूठ आंशिक हो, आधा-अधूरा हो या फिर पूरा का पूरा, उस इंसान ... Read More »

विरोधी अमर रहें, चुनौतियाँ बनी रहें

सृष्टि में जागरण हो तभी नवप्रभात का अहसास होता है अन्यथा बहुत सारे लोग हैं जिनके भाग्य में उषाकालीन सूर्य के दर्शन नसीब नहीं हैं। हर इंसान के जीवन में रोजाना नवप्रभात का सुनहरा सूरज उगता है, कुछ लोग इस शाश्वत सत्य को स्वीकार कर उसका लाभ लेते हैं और दूसरे सारे बिना अंधकार के उदासीनता की चादर ओढ़कर भोर ... Read More »

वास्तु चर्चा – प्रगति में बाधक हैं ये

हर प्रकार का प्रवाह अपने आप में सहज, सरल और निर्बाध रहना चाहता है। जब तक उसकी यह मौलिक अवस्था बनी रहती है तभी तक यह प्रवाह देखने में आनंददायी और अनुभव करने में सुकूनदायी रह सकता है। जैसे ही उसकी मौलिकता मेंं आंशिक या पूर्ण अवरोध आरंभ होता है वैसे ही यह प्रवाह अपना अस्तित्व खोने लगता है या ... Read More »

देसी नुस्खे आजमाएँ – रोग दूर भगाएँ

हमारे यहां छोटी-मोटी बीमारियों के ईलाज के लिए परम्परागत जड़ी-बूटियों और घरेलू मसालों का इस्तेमाल रामबाण सिद्ध होता रहा है। पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय जंगलों में उपलब्ध वनस्पतियों के आधार पर ही चिकित्सा की पुरातन परम्परा विद्यमान रही है। आज भी कई परिवारों में आयुर्वेद या पुराने नुस्खों के आधार पर ही सेहत का ख्याल रखा जाता है। ... Read More »

स्वास्थ्य चर्चा – स्वाईन फ्लू में रामबाण है होम्योपैथिक निदान

स्वाईल फ्लू के संभावित संक्रमण से बचाव के लिए ऎहतियाती उपायों को अमल में लाने के साथ ही होम्योपैथी चि कित्सा पद्धति बेहतर कारगर है।  जाने-माने होम्यापैथी चिकित्सा विशेषज्ञ एवं संजीवनी क्लीनिक के संचालक डॉ. रुचिर नागर बताते हैं कि आजकल देश के विभिन्न हिस्सों में स्वाईन फ्लू तेजी से अपने पांव रहा है और इससे संक्रमित रोगियों की संख्या तेजी ... Read More »

चिकित्सा का चमत्कार – जलचर जोंक करती है इंसानों का ईलाज

   पानी में पायी जाने वाली जोंक मामूली जलचर ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए आरोग्य देने वाली है। इसका प्रयोग त्वचा एवं रक्त संबंधित कई बीमारियों में किया जाता है।        पुराने जमाने में लोग इन जलचर जीवों के माध्यम से अपनी कई सारी बीमारियों का ईलाज किया करते थे। फोड़ा-फुँसी या रक्त विकार हो जाने अथवा चमड़ी से ... Read More »