सास हैं या सुरसा

घर-परिवार में सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहने वाली कोई किरदार है तो वह है सास।  सास के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का मूल्यांकन करने में बहूओं के सिवा और कोई निर्णायक हो ही नहीं सकता। लेकिन नीर-क्षीर निर्णय तभी संभव है कि जब सास और बहू दोनों ही पक्ष बिना किसी पक्षपात, भेदभाव और पूर्वाग्रह-दुराग्रह के स्वस्थ मूल्यांकन करें। पर ऎसा होना ... Read More »

यह है मोह भंग होने की वजह

दुनिया में हर जीवात्मा और स्थान विशेष का संबंध केवल तभी तक रहता है जब तक कि उसका पूर्वजन्म का कोई लेन-देन पूरा चुकता न हो जाए। बात चाहे पाने की हो अथवा देने की, दोनों ही स्थितियों में एक-दूसरे से अथवा एक का अनेको जीवात्माओं से संबंध बना रहता है। जैसे ही लेन-देने की स्थिति पूर्णता को प्राप्त होती ... Read More »

अर्थहीन हैं संदेशों की ओलावृष्टि

कोई सा नया दिन, उत्सव, पर्व और त्योहार हो या फिर शुभाशुभ प्रसंगों के साल भर बने रहने वाले अवसरों की भरमार।  चाहे हम किसी को जानते हों या नहीं, या और कोई हमें पहचानता तक न हो, हमारा दूर-दूर तक किसी से कोई संबंध न हो, तब भी लाखों लोगों के लिए रोजाना का एक ही काम रह गया ... Read More »

राजसमन्द परिक्रमा — आस्था जगाता अनूठा पर्वत … जहाँ श्रृंगी ऋषि ने रमायी थी धूँणी

धर्म-अध्यात्म, ऎतिहासिक थातियों, अद्भुत शौर्य-पराक्रम भर ऎतिहासिक वीर-वीरांगनाओं, कला-संस्कृति और नैसर्गिक रमणीयता की दृष्टि से भारत भर में अपनी अन्यतम पहचान रखने वाला राजस्थान का राजसमन्द जिला सदियों से श्रद्धा, आस्था और पर्यटन की त्रिवेणी बहाता रहा है। यहाँ के सघन वनों और पर्वतों में ऎसे-ऎसे मनोहारी और चित्ताकर्षक दर्शनीय एवं पर्यटन स्थल विद्यमान हैं कि जिनका कोई सानी नहीं।  ... Read More »

साल खत्म हो रहा है, हम नहीं

सब तरफ आपाधापी मची है, वह भी इस बात को लेकर कि साल आज खत्म हो रहा है और क्या ऎसा कुछ कर डालें कि आने वाले साल में किसी बात का कोई मलाल न रहे। न आत्महीनता रहे, न अपराध बोध, और न ही परंपरागत रूप से जाने कितने साल से चला आ रहा आलस्य, प्रमाद और वो बहुत ... Read More »

टाईमपास भुजंग हैं या अजगर

त्रिकालद्रष्टा मलूकदास जी महाराज की भविष्यवाणी आज के संदर्भ में ही है – अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए सबके दाता राम। वर्तमान की परिस्थितियों में ये न केवल प्रासंगिक बल्कि उन सभी लोगों के लिए जीवन भर अपनाने लायक बोध वाक्य है जो अजगरों की तरह जीवनयापन कर रहे हैं या पंछियों की ... Read More »

जो प्रोत्साहित करे वही अपना, बाकी सब पराये

हर इंसान के भीतर पूर्ण रूप में सभी क्षमताएं विद्यमान हैं जिनका ज्ञान पाकर वह इनका समुचित उपयोग करते हुए अपने आपको संसार भर में किसी न किसी विधा में प्रतिष्ठित कर सकता है और अन्यतम पहचान बना सकता है। यह इंसान पर निर्भर है कि अपने भीतर समाहित अपार क्षमताओं और अनन्त संभावनाओं को वह किस प्रकार विवेक बुद्धि ... Read More »

मनचाहा स्थान पाने तथा तबादले के लिए अचूक मंत्र ….

अर्जुन के दस नाम चमत्कारिक हैं। इनका स्मरण करने मात्र से इच्छित मनोकामना पूर्ण होती है और जगत में पराक्रम फैलने से कोई रोक नहीं सकता। जो लोग एक ही स्थान पर बने रहना चाहते हैं अथवा मनचाहे स्थान पर तबादले के इच्छुक हैं, उनके लिए अर्जुन के दस नामों का स्मरण और जप अत्यन्त लाभकारी एवं अचूक प्रभाव छोड़ने ... Read More »

सब जगह विद्यमान हैं किम जोंग

पिछले कुछ समय से वैश्विक परिदृश्य में सर्वत्र नार्थ कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग सुर्खियों में हैं। किम जोंग जैसे व्यक्ति से पूरी दुनिया को खतरा पैदा हो गया है और इसे तीसरे विश्वयुद्ध की भूमिका के रूप में देख कर कयास लगाए जा रहे हैं। एक अकेले आदमी ने दुनिया की सभी महाशक्तियों की नाक में दम कर ... Read More »

तंत्र चर्चा – बगलामुखी साधना करने वाले साधकों के लिए

जो लोग बगलामुखी साधना करते हैं उन्हें चाहिए कि वे मां को प्रसन्न करने के लिए साधना करें या फिर अपने किसी काम की सिद्धि पाने अथवा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, पहले अपने आपको शुद्ध-बुद्ध कर लें तथा पूरी सात्विकता को अपनाएं। इसके बाद ही मां की आराधना करेंं। खुद भ्रष्ट, व्यभिचारी और स्ति्रयों की निंदा करने वाले हों, ... Read More »