करते रहें सत्कर्म

दुनिया में खूब सारे लोग ऎसे हैं जिनके पास पॉवर है, भगवान की दी हुई बुद्धि है और वह हुनर है कि वे चाहें तो…

कौन कहे इन्हें आदमी

ये दुनिया भी बड़ी ही अजीब है। आदमी सोचता क्या है और हो क्या जाता है। वह करना क्या चाहता है, और मिल क्या जाता…

काम न आएगी ये धन-दौलत

धन-दौलत स्थायी रूप से न किसी की रही है, न रहने वाली है। इसे जो पूरी तरह अपनी ही मानकर चलता है वह कभी उसके…

बिकने लगे हैं लोग

हम सभी लोग ईश्वर की अनकृति और अंश है और इस दृष्टि से हम सभी अमूल्य हैं लेकिन इस विलक्षण खासियत को हम सभी भूल…

छातीकूटिए अमर रहें

आज अगर छाती कूटने वालों की गणना शुरू हो जाए तो सभी जगह बहुत से लोग मिल जाएंगे जो बिना किसी कारण के छाती पीटते…

ये कभी न होंगे अपने …

अपने आस-पास ऎसे लोग बहुत बड़ी संख्या में विचरण करते रहे हैं जो अपनी पहचान कायम करने के फेर में वो सब कुछ कर रहे…