देशद्रोही हैं कामचोर, विघ्नसंतोषी और खुराफाती लोग

अपने यहाँ ज्ञान, अनुभव, निष्ठा, कर्मयोग, ईमानदारी, समर्पण और देशप्रेम सब कुछ है, कोई कमी नहीं है इनकी। संस्कार, सिद्धान्त और आदर्शों वाले लोग भी अभी बहुत बड़ी संख्या में विद्यमान हैं और वे परंपराएं भी अभी मरी नहीं हैं जिनमें परमार्थ और सेवा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। बावजूद इसके हम अपेक्षित तरक्की नहीं कर पा रहे हैं, अपने ... Read More »

जीमण में ही रमे न रहें, महिमागान करें पुरखों का

श्राद्ध पक्ष को जीमण का ही पर्याय न मानें बल्कि जिनका श्राद्ध खा रहे हैं उनके बारे में जानकारी पाएं, उनके व्यक्तित्व और जीवन को जानें तथा अच्छे कार्यों के अनुगमन का प्रयास करें। हम आज जिन मकानों, खेतों, धन-सम्पदा, संसाधनों और तमाम प्रकार की भोग-विलासी पदार्थ परंपरा का आनंद ले रहे हैं, हमारा जीवन बना हुआ है, यह सब ... Read More »

कपालक्रिया करें

न आने का वक्त, न रहने का, और न ही जाने का वक्त। जब मर्जी हो आ गए जैसे कि चौपाटी पर घूमने या भेल-पूड़ी खाने या तफरी का मन करने पर लोग इधर-उधर पहुंच जाते हैं। जो मुर्गा दिखा उसे पटाकर माल उड़ा लिया, खा-पी लिया और गप्पों के दौर दर दौर चलाते हुए दिन गुजार दिया। यही दिनचर्या ... Read More »

विनाश कर देता है पापियों का संग

समाज में शुचिता और  कल्याणकारी दिशा-दृष्टि के सनातन प्रवाह को निरन्तर बनाए रखना, दुष्टों का दमन, असुरों का संहार और पापियों तथा पाप एवं बुराइयों का समूल उन्मूलन करना उन सभी इंसानों का पहला फर्ज है जो अपने आपको इंसान समझते हैं। जो खुद को इंसान के रूप में कभी समझ ही नहीं पाए, जिनके लक्षणों और गुणधर्मों को देखकर ... Read More »

बेकार है इनकी जिन्दगी – डूबो देंगे ये कुत्ते

इंसान के रूप में पैदा होकर भी यदि हम जीवों और जगत के कल्याण के काम न आ सकें तो हमारा ऎसा इंसानी जीवन बेकार है। इंसान होना अपने आप में दुर्लभ है। भगवान की परम कृपा होने पर ही चौरासी लाख योनियों में भटकते रहने वाली आत्माओं को मनुष्य का तन प्राप्त होता है। अपने मोक्ष के लिए खुद ... Read More »

दोष न दो इन बाबाओं को ….

ये बाबा न होते तो नुगरों-नालायकों को पद-प्रतिष्ठा और पैसा पाने का आशीर्वाद कौन देता , माईक वाले, बैण्डबाजे वाले, टैण्ट वाले, फूल-नारियल-अगरबत्ती वाले, गाड़ीघोड़े वाले, टीवी, फ्रीज, एसी वाले, तमाम धन्धेबाज क्या करते, पैसों का लेन-देन और फाइनेंस, ब्याज-मनीलैण्डिंग वाले क्या करते, सामूहिक भोज के ठेके लेने वाले किस पर गुजारा करते, ये बाबा न होते तो तमाम तरह ... Read More »

खरी-खरी – नाकारा बुद्धिजीवी

बुद्धिजीवी लोग दुनिया में सबसे अधिक कायर, तटस्थ, भीरू और नाकारा होते हैं। केवल वाग् विलास और कुतर्क करवा लो इनसे। इनकी अपेक्षा अनपढ लोग ज्यादा अच्छे। दुनिया भर में खूब सारे सज्जन और बुद्धिजीवी हैं। पर उनकी कोई पूछ नहीं। बेचारे सच्चे और अच्छे बुद्धिजीवी या प्रबुद्धजन हमेशा हाशिये पर रहते हैं क्योंकि उन्हें वे सारे स्टंट और हथकण्डे, ... Read More »

स्वाभिमान और आत्मीयता के पूरक साहित्यकार श्री हरीश आचार्य

श्रद्धेय अग्रज भाईश्री हरीश आचार्य जी का हर अन्दाज निराला है। उनके शब्दों में परमाण्वीय ऊर्जा है, व्यवहार में आत्मीयता का ज्वार उमड़ता है। उनके जीने का अन्दाज ही ऎसा है कि जो कोई उनके सम्पर्क में आता है, सर्वस्पर्शी व्यक्तित्व के ताजगी भरे माधुर्य से अभिभूत हो उठता है। सबसे बड़ी और अव्वल बात यह है कि वे दूसरे ... Read More »

यह प्रयोग करके देखें

अपने मन और शरीर यदि भारी-भारी लग रहे हों तो अपनी जितनी आयु है उतने बिस्किट लेकर अपने शरीर से सात बार उतार दें और इन्हें कुत्तों को खिला दें। इससे तत्काल भारीपन दूर होकर मन-शरीर हल्का हो जाएगा।     Read More »

समस्याओं पर विजय पाने दुर्गा मंत्र का प्रयोग करें

अपने जीवन की सभी समस्याओं के निवारण के लिए जब भी फुरसत मिले, निम्न मंत्र का मन ही मन जप करते रहें।   ॐ दुं दुर्गायै नमः   इससे थोड़े दिनों बाद अपने आप में दैवीय शक्ति का जागरण होगा और घर-परिवार की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। शौच और लघुशंका करने के समय को छोड़कर इसे कभी भी कर ... Read More »