MOST IMP TIPS : यों करें सोशल मीडिया का कबाड़ा

फेसबुक, व्हाट्सएपव हो या और कोई सा ग्रुप। हर ग्रुप किसी न किसी विशेष उद्देश्य से बनता है अन्यथा ग्रुप बनाने की जरूरत ही क्यों पड़ती। लोग ग्रुप बना डालते हैं लेकिन ज्यादा चल नहीं पाते, थोड़े दिनों बाद लोग बोर होकर छोड़ देते हैं।  इस तरह किसी भी ग्रुप को खत्म किया जा सकता है।

जो ग्रुप जिस किसी उद्देश्य के लिए बनता है उससे संबधित विचार, फोटो, संदेशों और सामग्री का समावेश किया जाना चाहिए मगर ऎसा होता नहीं। फालतू लोग गुड मार्निंग-गुड नाईट, गुड नून, शेरों-शायरियां, कविता, ग़ज़ल-गीत, धार्मिक स्तुतियां, भगवान के फोटो आदि डाल-डाल कर ग्रुप का कम समय में ही कबाड़ा कर सकते हैं। फालतू लोगों की भीड़ ही ऎसी हो गई है कि जिनके पास न खुद के कोई विचार-सोच और रचनात्मक मौलिकता है, न समाज को कुछ देना चाहते हैं, ये लोग फारवर्डिंग किस्म के इंसान के रूप में पैदा होते हैं और एक से दूसरे ग्रुप में सामग्री शेयरिंग करते रहते हैं, भले ही इसका कोई अर्थ उस ग्रुप के लिए कुछ न हो।  इस किसी भी ग्रुप की पवित्रता और मौलिकता को भंग किया जाकर उस ग्रुप का कबाड़ा किया जा सकता है।

हम खुद न संध्या-गायत्री जप या पूजा-पाठ न करें, मगर रोजाना भगवान के फोटो और धार्मिक विचार डाल सकते हैं इससे ग्रुप महान धार्मिक हो सकता है। भले ही हम समाज और देश को कुछ न दे पाएं, धार्मिक फोटो और विचारों को एक से दूसरे ग्रुप तक फोरवर्ड करते हुए धार्मिक होने की प्रतिष्ठा और पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। ग्रुप के उद्देश्यों के विपरीत सामग्री डालते रहो, एक न एक दिन एक-एक कर लोग छोड़ते चले जाएंगे और ग्रुप का आकस्मिक एवं दुःखद निधन हो जाएगा। जो लोग किसी भी अच्छे ग्रुप की हत्या करना चाहते हैं वे फालतू और नाकारा लोग इन सभी उपायों को अपनाएं जिससे कि ग्रुप अपने उद्देश्यों से पूरी तरह भटक जाए और हम इसकी गति-मुक्ति में भागीदार बन सकें।