दीर्घायु और आरोग्य देता है अष्ट चिरंजीवियों का स्मरण

इन आठों चिरंजीवियों का स्मरण भर देता है ताजगी और उत्साह, और आने लगता है जीवन का उत्साह, छाने लगता है उल्लास

 

अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभिषणः

कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीवीनः

सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्

जीवेद्वर्षशतं सोऽपि सर्व व्याधिविवर्जितः।

 

जन्मतिथि के दिन इन आठ चिरंजीवियों का स्मरण करने से आरोग्य, आयु और ऎश्वर्य प्राप्त होता है।

इस दिन प्रभात काल में दो चम्मच गौमूत्र को इन आठ चिरंजीवियों के नामों वाले मंत्रों से सौ बार अभिमंत्रित करके जल के साथ पी लेने से वर्ष भर आरोग्य बना रहता है।

जन्मतिथि के अलावा भी यदि इन आठ चिरंजीवियों अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, परशुराम एवं मार्कण्डेय का स्मरण दिन में एक बार कर लिया जाए तो अकाल मृत्यु व बीमारियों से मुक्ति व दीर्घ आयु प्राप्त होती है।

यदि प्रेम और श्रद्धापूर्वक भक्ति की जाए तो इन चिरंजीवियों की कृपा का अनुभव बहुत जल्दी किया जा सकता है क्योंकि ये सभी चिरंजीवी हैं इसलिए अन्य देवी-देवताओं की अपेक्षा हमसे अधिक निकट हैं।

यदि अकाल मृत्यु का भय हो, बीमारी ठीक नहीं हो रही हो तब भी इनका स्मरण करते रहने से रोग मुक्ति और भय निवारण का रास्ता अपने आप निकल आता है।

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