मुर्दों की तरह न रहें, मुस्कराना भी सीखें

जिन्दगी की आपाधापी और ऎषणाओं की अंधी दौड़ में आदमी नैतिक मूल्यों और मानवीय आदर्शों के  साथ सबसे ज्यादा जिस बात को भुला चुका है वह है मुस्कान।  बहुसंख्य लोगों के चेहरों से मुस्कान गायब है। ये हमेशा मुँह फुलाये रहते हैं। जो लोग हमेशा भयग्रस्त, गंभीर और गमगीन रहते हैं उनसे लोग सायास दूरी बनाए रखते हैं।  जीवन में हमेशा मुस्कराहट बिखेरने वाले लोग हर तरह की सफलता जल्दी प्राप्त करते हैं और इनका कोई मुकाबला नहीं। यह मुस्कराहट ही है जो जीवन में हमेशा उत्साह एवं उल्लास की ज्योति जगाती रहती है और अंधकार दूर करती है।

जो प्यार एक मुस्कान द्वारा व्यक्त हो सकता है, वह हजारों नमस्कारों द्वारा व्यक्त नहीं हो सकता। मुस्कराने में आपका कुछ खर्च नहीं होता पर जिसे मुस्कान मिलती है उसकी खुशी बढ़ जाती है।  मुस्कराने में शायद एक क्षण लगता है पर उसकी याद औरों को जीवन भर बनी सकती है। अपने दैनिक कार्यों में जहाँ भी जिससे मिलें, मुस्कराते हुए मिलिये। इसका फल यह होगा कि बदले में सभी आपको मुस्कराहट ही प्रदान करेंगे।

मुस्कराना मनुष्य का एक अत्यन्त आकर्षक आभूषण है, जिसकी तारीफ हर देखने वाला करता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे आवश्यक है प्रसन्नचित्त रहना। खुशमिज़ाज़ आदमी उन लोगों की अपेक्षा अधिक सफल होते हैं जो हर वक्त उदास तथा खिन्न रहते हैं।

हमारी हर मुस्कराहट जीवन और परिवेश में ज्योति जगाती है। जब हम अपने मन को उत्फुल्ल एवं शांत रखते हैं, तो प्रकृति की रोगनाशक शक्तियों को भी अपना कार्य उतनी ही तेजी से करने का मौका देते हैं।  यदि हम चाहें तो अपने जीवन को एक ऎसा उद्यान बना सकते हैं, जिसमें उल्लास, मुस्कान एवं प्रफुल्लता के सुरभि सुमन खिलते रहें। अगर हम उदास एवं खिन्न रहते हैं, तो दूसरों पर भी उदासी एवं खिन्नता की छाया डालते हैं।

अगर हम प्रसन्न और उत्फुल्ल रहते हैं, तो दूसरों पर भी प्रसन्नता एवं उत्फुल्लता का प्रकाश बरसाते हैं। जिन लोगों के चेहरों पर सदैव मुर्दानगी छायी रहती है, यह मानना चाहिए कि ऎसे लोग सीधे नरक से आ रहे हैं और वहाँ उन्हें इतनी यातनाएं मिली हैं कि ये हँसना तक भूल चुके हैं। इसके उलट जो लोग सदैव मुस्कराते रहते हैं, निश्चित मानिए कि वे सीधे स्वर्ग से धरा पर आए हैं। हम जब कभी मुस्कराते हैं, दूसरे सारे लोग भी ऎसा ही करने लगते हैं। और इस तरह मीलों तक मुस्कान ही मुस्कान तैरने लगती है। अतः मुस्कराइये एवं अपनी हसीन मुस्कराहट से लोगों का दिल जीतिएं। जो मुस्कुराता है उसे ही ईश्वर और जगत सभी पसन्द करते हैं। मायूस लोगों को घर वाले भी पसंद नहीं करते।