परम सौभाग्यशाली हैं ये लोग

वे लोग भाग्यशाली हैं जिन्हें अपने किसी कर्तव्य कर्म कोई रुचि नहीं है, बंधी-बंधायी मिल रही है। इनके लिए टाईमपास का कोई झंझट है ही नहीं। दिन भर किसी ने किसी से बिना किसी प्रयोजन के नॉन स्टॉप बतियाते रहते हैं और इस तरह रिश्तों का माधुर्य सेतु हमेशा कायम रखा करते हैं।  मुफत का वाई-फाई उपलब्ध है। दिन भर व्हाट्सएप, फेसबुक और दूसरा सब कुछ चलाते रहो, कब शाम हो जाए, कब आधी रात हो जाए, आँखें बोझिल हो जाएं और कब नींद आ जाए सवेरे आठ-नौ बजे तक के लिए। इनसे बड़ा सुखी इंसान और कौन हो सकता है? और एक वे लोग हैं जो दिन-रात अपनी ड्यूटी के प्रति नैष्ठिक वफादारी और ईमानदारी रख कर काम करते हैं और जितना काम करते हैं उतना मेहनताना भी नहीं मिल पाता।