22 दिसम्बर की प्रभात से जानें आगामी छह महीनों का भविष्य

22 दिसम्बर की प्रभात से जानें आगामी छह महीनों का भविष्य

भगवान भास्कर 22 दिसम्बर, शुक्रवार की प्रभात में उत्तरायण में उदित होंगे।  यह प्रभात हम सभी के लिए आगामी छह माहों यानि की उत्तरायण के 6 महीनों के भविष्य का संकेत देने वाली होगी।

और इस संकेत को जानने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है स्वर। अपनी नाक से निकलने वाले स्वर से हम जान सकते हैं कि हमारे आगामी छह माह कैसे गुजरेंगे।

स्वर ज्योतिष शास्त्र में उत्तरायण सूर्य से सुकून पाने के लिए कहा गया है – कर्के चन्द्रा मकरे भानु। अर्थात् उत्तरायण तब शुरू होता है जब सूर्य मकर राशि में आ जाएं। इस दृष्टि से 21 दिसम्बर रात्रि में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद 22 दिसम्बर इस वर्ष की वह पहली प्रभात होगी जब सूर्य मकर राशि में उदित होंगे।

उत्तरायण की प्रभात में नींद से जगने के समय यदि हमारी नासिका का दाहिना यानि की राईट स्वर होगा अर्थात उठते समय नाक के दाहिने स्वर से यदि साँस निकल रही होगी तो आने वाले छह माह अच्छी तरह व्यतीत होंगे।

सवेरे जागरण वेला में यदि स्वर दाहिनी अर्थात राईट न हो तो बिस्तर से नीचे नहीं उतरें बल्कि बांयी यानि की लेफ्ट करवट ले लें, इससे थोड़ी देर में स्वर दाहिना हो जाएगा। इसके बाद ही बिस्तर त्यागें।

इस बात का भी ध्यान रखें कि बिस्तर त्यागते समय जमीन पर पहले दाहिना पैर रख कर आगे बढ़ें।  इस विधि को अपनाने से आने वाले छह माह अच्छी तरह गुजरते हैं। आरोग्य, सुख-समृद्धि, शान्ति और बहुविध आनंद बना रहेगा।

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