Success story : Udaipur ग्राम्य लोक जीवन में आ रहा है सुकूनदायी बदलाव

सुनहरा आकार ले रहा है कविता का केनवास

स्वच्छता के तमाम आयामों को आत्मसात कर इनके प्रभावी व सार्थक क्रियान्वयन में मेवाड़ पीछे नहीं है। उदयपुर जिले में हर तरफ चल रही स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों को लकर अब ग्रामीण इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि वे इस महाअभियान में भागीदारी निभाएं। इनकी देखा-देखी दूसरे गाँवों के लोग भी अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त पंचायत घोषित कराने के लिए उतावले हैं।

 

इन्हीं में एक गाँव है-कविता। यह उदयपुर जिले की बड़गांव पंचायत समिति का ग्राम पंचायत मुख्यालय है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 76 पर उदयपुर संभाग मुख्यालय से यह करीब 16 किमी दूर है, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोग निवास करते हैं। कुल 1 हजार 166 परिवारों की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में 4 राजस्व गाँव है-कविता, बरोड़िया, डांगियों की हुन्दर व घसियार।

सरपंच की पहल     स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों के बारे में सुनकर कविता ग्राम पंचायत के सरपंच श्री देवीलाल पालीवाल ने अपनी स्पोर्ट्समैन स्पीड का परिचय देते हुए पंचायत को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का बीड़ा उठा रखा है। वे खुBanshilal-Khumanji-Meghwal-Kavita-(2)द वालीबॉल के मशहूर खिलाड़ी हैं तथा गाँव में खेल क्लब भी चलाते हैं।

समन्वित भागीदारी का संकल्प

कविता गांव को ओडीएफ घोषित कराने की उनकी मुहिम को क्लब सदस्यों ने पूरी करने की ठान ली। इसके बाद तो ग्राम पंचायत में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, पटवारी, ग्राम सेवक, कृषि पर्यवेक्षक, हैण्डपंप मिस्त्री, राशन डीलर से लेकर जनप्रतिनिधिगण व ग्रामीण पूरे उत्साह से जुटने लगे व ख़ासा चेतनापरक माहौल पैदा होता चला गया।

इसी माह लक्ष्य पाने का इरादा

इस मिशन को पूर्णता देने में दिन-रात जुटे हुए कविता ग्राम पंचायत के सरपंच श्री देवीलाल पालीवाल के मुताबिक ग्राम पंचायत कविता को खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायत(ओडीएफ) घोषित करने की व्यापक तैयारियाँ जारी हैं। मार्च माह में ही यह कार्य पूर्ण कर देने का इरादा है। इसे लेकर ग्राम पंचायत के बाशिन्दों में व्यापक उत्साह है जिसकी वजह से घर-घर में शौचालय निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर हो रहा है।

ग्रामीणों को मिला जीने का सुकून

कविता के ग्रामीणों के लिए शौचालय निर्माण का अभियान जिन्दगी की कई समस्याओं का समाधान करने वाला साबित हो रहा है। ग्रामीणों को अपने घर-आँगन में ही सुविधा मुहैया होने से कई मुश्किलें खत्म हो गई हैं। न मौसम की मार का झंझट, न दूरी, समय की चिंता। बुजुर्गों व बीमारों से लेकर बच्चों व निःशक्तों तक के लिए जीवन आसान हो चला है। ग्रामीणों में इस बात की खुशी है कि सरकार ने जिन्दगी भर की इस समस्या से मुक्ति दिला दी है। कविता गाँव के कई परिवार ऎसे हैं जिनके लिए शौचालयों का निर्माण बेहद उपयोगी सिद्ध हुआ है।

बजने लगी है चैन की बंशी        गाँव के नीमतलाई क्षेत्र में रहने वाले बंशीलाल मेघवाल के लिए उसके घर में बने शौचालय से तीन पीढ़ियाँ खुश हैं। वे Kavita-Udaipur-(1)कहते हैं कि अत्यन्त वृद्ध पिता खुमानजी व माता काली बाई को अब दूर जंगल नहीं जाना पड़ता। पत्नी नानी बाई व बच्चे भी इस सुविधा को उपहार मानने लगे हैं।

 

सास-ससुर भी खुश

नानी कहती है कि घर के लोगों के लिए शौच के वास्ते दूर जाने से  समय भी लगता व रात-बिरात पहाड़ी क्षेत्र में पैंथर व अन्य जानवरों का भय भी बना रहता। ख़ासकर सास-ससुर को दिक्कतें आती थी व बीमारी के वक्त इतने दूर तक जाना कष्ट साध्य ही था।

नानी के अनुसार सरपंच साब देवीलाल जी ने इसके लिए पूरे परिवार को एक साथ बिठाकर प्रेरित किया। आज हमारे लिए यह सरकार का बहुत बड़ा तोहफा है। अब मेहमान भी यहाँ आने पर जल्दी चले जाने की पुरानी बातें छोड़ चले हैं, वे भी शौचालय की सुविधा से खुश हैं। नानी घर में बने शौचालय व स्नानघर को लेकर खूब उत्साहित है और कहती है कि ये काम हमेशा याद रहेगा। इसके लिए वह पास-पड़ोसियों को भी प्रेरित करने से नहीं चूकती।

यो काम घणो हाउ

कुल जमा 6 सदस्यों वाले परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला काली बाई सबसे ज्यादा खुश है। सरकार को दोनों हाथ जोड़ कर मेवाड़ी लहजे में वे कहती हैं – ‘‘यो काम तो सरकार घणो हाउ कीदो, अणी काम उ म्हाणों जमारो हदर ग्यो। यो काम म्हारे जमारा मे व्हेतो तो कतरो रूपालो वेतो। ’’ अर्थात यह तो सरकार ने बहुत अच्छा किया। इससे जिन्दगी ओर अधिक आसान हो गई है। यह काम हमारे जमाने में ही हो जाता, तो कितना अच्छा रहता।

पायी राहत बच्चे-बूढ़ों ने

Bhanwarlal Kookaji Gameti Kavita Laxmiइनके पास ही भंवरलाल/कूकाजी गमेती का मकान है। उन्होंने भी स्वच्छ भारत मिशन के पैगाम को आत्मसात कर शौचालय बनवाया है। गृहस्वामिनी लक्ष्मी इस काम से ज्यादा खुश है। बच्चे सुखलाल, मंजू व धीरज की भी समस्या खत्म हो गई है।

जगदीश ने उण्डेला हुनर

कविता गाँव में आखरिया बस्ती के रहने वाले जगदीश/कन्नाजी ने मुख्य द्वार के पास ही उम्दा शौचालय व बाथरूJagdish-Kannaji-Kavita--(4)म बनाया है। जगदीश खुद मिस्त्री हैं व शौचालय निर्माण की तकनीक में माहिर हैं। क्षेत्र भर में वे खूब सारे शौचालय बना चुके हैं इसलिए इन सभी के अनुभवों व हुनर का उन्होंने अपने घर में इस्तेमाल कर ए-क्लास शौचालय व स्नानघर बनाया है। इसके लिए पानी की टंकी लगाकर सारी सुविधाएं भी दी हैं। जो भी आता है वह इस निर्माण को देखकर खूब तारीफ करता है।  इसी बस्ती में हीरालाल/जगनाजी गमेती के यहां भी स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय बना हुआ है।

 

सबको है इंतजार

कविता ग्राम पंचायत भर में इन दिनों शौचालय निर्माण का जुनून ग्रामीणों में हावी है व वंचित रह गए घरों में शौचालय निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इस लक्ष्य को पाने में ग्राम पंचायत के महिला स्वयं सहायता समूह, नवयुवक मण्डल, विभिन्न समाज, पंच-पटेल भी अपनी पूरी-पूरी सहभागिता निभा रहे हैं।

स्वच्छता का काव्यगान कर रहा है कविता

सबको उस दिन का इंतजार है जब उनकी ग्राम पंचायत को ‘‘ खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत‘‘ घोषित किया जाएगा। इस गौरवशाली इतिहास में भागीदार बनने को सब उत्सुक भी हैं और उतावले भी। @डॉ. दीपक आचार्य