कर्मयोगी श्री कान्तिशंकर शुक्ला का निधन

वागड़ अंचल भर में मशहूर बहुआयामी व्यक्तित्व एवं जाने-माने एड्वोकेट श्री कान्तिशंकर शुक्ला का महाशिवरात्रि के दिन सोमवार दोपहर डूंगरपुर में निधन हो गया। वे  नब्बे वर्ष के थे। श्री शुक्ला काफी समय से बीमार चल रहे थे। वागड़ अंचल का नाम गौरवान्वित करने वाले श्री शुक्ला समाज-जीवन के हर क्षेत्र में अपनी K.S.Shuklaअद्भुत प्रतिभा और ओजस्वी व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। उनके निधन से वागड़ ने रचनात्मक कर्मयोग के क्षेत्र में एक शून्य पा लिया है जिसकी पूर्ति संभव नहीं है।

क्षेत्र भर में विभिन्न क्षेत्रों में उनकी जबर्दस्त साख और उनके नाम की धाक थी। स्थानीय से लेकर वैश्विक हस्तियों के संपर्क में रहे श्री शुक्ला ने विदेश यात्राएं भी की। छात्र राजनीति से लेकर सक्रिय राजनीति के मैदान में उनकी पैठ रही। वागड़ की सरजमीं पर होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक-आध्यात्मिक, राजनैतिक आयोजनों, ज्योतिष, कर्मकाण्ड, प्राच्यविद्या, शिक्षा और कानून से लेकर समाज-जीवन के हर क्षेत्र में उनके  विराट व्यक्तित्व की अमिट छाप रही।

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा कस्बे में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जन्मे श्री कान्तिशंकर शुक्ला कई-कई विधाओं में गुरुत्व और गरिमा लिए हुए प्रेरणा के स्रोत के रूप में प्रतिष्ठित थें । मूलतः अभिभाषक श्री शुक्ला ने छात्र राजनीति से राजनैतिक जीवन में प्रवेश पाया और सर्वहारा वर्ग की सेवा तथा लोक जागरण से जुड़े अनेक आन्दोलनों का नेतृत्व किया। सागवाड़ा से लेकर सोवियत रूस तक सफर तय करने वाले श्री शुक्ला वागड़ अंचल ही नहीं दूर-दूर तक जाना-पहचाना नाम रहा है। उल्लेखनीय उपलब्धियां लिए उम्र के लम्बे पड़ाव में उन्होंने जहां भी मौका मिला, अपनी विलक्षण मेधा और विद्वत्ता का कमाल दिखाकर जन-मन को भीतर तक मोह लिया।

स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर प्रदेश और देश के राजनेताओं तक से मधुर संबंध रखने वाले श्री शुक्ला को कई स्वनामधन्य महापुरुषों का सान्निध्य मिला जिनसे उनका व्यक्तित्व विकास के सुनहरे सोपान तय करता रहा । समाज-जीवन का कोई रचनात्मक क्षेत्र ऎसा नहीं बचा जिसमें उनकी कहीं न कहीं प्रभावोत्पादक भूमिका न हो। वैचारिक क्रान्ति के प्रणेता श्री शुक्ला  का समग्र जीवन ही शिक्षालय रहा है। उनके महाप्रयाण से वागड़ में विद्वानों की परंपरा का एक युग समाप्त हो गया है। श्री कान्तिशंकर शुक्ला के निधन पर हार्दिक संवेदना।