आओ करें महिमागान जय-जय राजस्थान

शौर्य-पराक्रम, गर्वीले इतिहास, गौरवशाली सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और परिवेशीय परंपराओं के गढ़ तथा भौगोलिक एवं नैसर्गिक विविधताओं का दिग्दर्शन कराने वाला राजस्थान आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। हम सभी राजस्थानवासियों के लिए यह अपना पर्व है।

आज का दिन केवल उत्सव मनाने के उल्लास और उत्साह तक ही सीमित नहीं है बल्कि राजस्थान दिवस अपनी मातृभूमि की सेवा, विकास और प्रतिष्ठा में अभिवृद्धि के लिए संकल्पित होकर काम करने की याद दिलाता है।

अब राजस्थान उस नए दौर में प्रवेश कर चुका है जहाँ उसकी पुरानी छवि एकदम बदल गई है। अब राजस्थान विकास की अपार संभावनाओं को सुनहरा आकार देने वाला राजस्थान हो गया है जहाँ हर तरफ जिस तरह का बहुद्देश्यीय और  बहुआयामी विकास हो रहा है वह अपने आप में ऎतिहासिक है।

आम आदमी से लेकर सामाजिक और  आंचलिक सरोकारों के बखूबी निर्वहन ने राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों में ला खड़ा किया है। राजस्थान की गाथाओं और इतिहास को किसी दिवस,वर्ष या दशक में सिमटाया नहीं जा सकता।

प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में राजस्थान निरन्तर ऊँचाइयां पाता जा रहा है।  राजस्थान के विकास की हर संभव गतिविधियों को पूरी शक्ति के साथ लागू किया जा रहा है वहीं जन कल्याण और हर क्षेत्र के संतुलित विकास की दिशा में प्रदेश सरकार जो कुछ कर रही है वह ऎतिहासिक है । प्रदेश में कोई क्षेत्र ऎसा नहीं है जो विकास के आधुनिक सरोकारों से अछूता रह गया हो।

राजस्थान में सरकार द्वारा संचालित गतिविधियों, योजनाओं, कार्यक्रमों, परियोजनाओं आदि के साथ नवाचारों के बेहतर क्रियान्वयन ने राजस्थान को देश के उन राज्यों में ला खड़ा किया है जो सर्वांगीण विकास की दौड़ में अव्वल हैं।

यह वह राजस्थान है जिसके कण-कण में वीरता के झरने फूटते हैं। हर साल हम राजस्थान दिवस मनाते आए हैं, बहुत कुछ करने का संकल्प लेते हैं, कुछ करते हैं, कुछ छूट जाता है।

पर अब अपना राजस्थान तेज गति से आधुनिक विकास का पर्याय बनता जा रहा है। आज का दिन उन सभी लोगों को श्रद्धा और आदर से याद करने का है जिन लोगों ने राजस्थान की स्थापना से लेकर प्रदेश को आज तक अपना किसी न किसी प्रकार से योगदान दिया है।

राजस्थान दिवस गंभीर चिन्तन, मनन और आत्म मंथन का दिन है। हम सभी के लिए यह दिवस कई मायनों में खास है। केन्द्र और राज्य सरकार मिल कर प्रदेश के लिए जो कुछ कर रही हैं वह अपने आप में रिकार्ड है जिसे विकास के स्वर्णिम इतिहास में अहम दर्ज किया जाएगा।

सरकार के साथ ही हमारी भी जिम्मेदारी है कि नागरिक दायित्वों के निर्वहन में हम ईमानदारी से अपनी भूमिकाएं सुनिश्चित करें और भागीदारी का प्रभाव दर्शाएं।

अपनी मातृभूमि को सभी प्रकार की विषमताओं, अभावों और समस्याओं से मुक्त कराना और हरेक राजस्थानवासी को स्वाभिमान के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की रोशनी देना हमारा फर्ज है।

राजस्थान भर में जो इंसान जहां है वहां और कुछ न करे, केवल अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यपरायणता के साथ पूर्ण करे, इससे बड़ी कोई सेवा राजस्थान की नहीं हो सकती।

यही एकमात्र सेवा है जिसे अपना लिए जाने पर राजस्थान पूरे देश में नम्बर एक पर आ सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी आदतों, व्यवहार और स्वभाव को बदलें और जनोन्मुखी दृष्टि को सामने रखकर काम करें।

अब काम करने और अनुकरण करने का समय है। सब तरफ सभी लोग जुटे हैं नया राजस्थान बनाने के लिए। हम भी राजस्थान विकास के महायज्ञ में सर्वस्व समर्पण की भावना से आहुति दें और मातृभूमि का कर्ज चुकाएं।

आज के समय में यही राजस्थान के लिए हमारा वह समर्पण है जिसे अपने वाली कई पीढ़ियों तक के लिए अनुकरणीय और यादगार बनाया जा सकता है।

राजस्थान सरकार के जनहितकारी समर्पित प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हर कार्य में उल्लेखनीय जन भागीदारी के सुकूनदायी दृश्य सामने आ रहे हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि सरकार के प्रति जन विश्वास कितना गहरे तक समाया हुआ है।

राजस्थान का महिमा गान करें, पुरातन परंपराओं से सीखें, प्रदेश के लिए कुछ न कुछ करने का संकल्प लें और आगे बढ़ें।  राजस्थान के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्य संस्कृति की है। इसे हम सभी अपना लें तो करिश्मा ही हो जाए।

अपने पुरखों ने जिस त्याग, तपस्या और संघर्ष के साथ अपने व्यक्तित्व को निखारा, राजस्थान और हम सभी के लिए जो कुछ किया, उसे याद करें, ऊर्जा पाएं और खुद आगे बढ़े, औरों को आगे बढ़ाने में मदद करें।

आज के दिन इतना छोटा सा संकल्प काफी है जिससे बड़ा परिवर्तन अपने आप दिखने लगेगा।  सभी प्रदेशवासियों को राजस्थान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं….। जय-जय राजस्थान।