होली पर आजमाएं अचूक टोने-टोटके

दैहिक, दैविक और भौतिक संतापों, शत्रुओं, सम सामयिक समस्याओं और अभावों से परेशान हो गए हों तो इन टोटकों को आजमाएँ –

तिलपपड़ी देती है आरोग्य

मकर संक्रान्ति को बनाई गई तिल पापड़ी को जलती होली देख कर प्रसाद रूप में खा लेने से अगली होली तक शरीर स्वस्थ रहता है। खासकर गर्मीजन्य कष्टों से बचा रहा जा सकता है।  हिन्दुस्तान के कई क्षेत्रों में मकर संक्रान्ति के दिन थोड़ी तिल पपड़ी बचाकर रखी जाती है। इसे जलती होली को देखकर प्रसाद रूप में वितरित किया जाता है।  प्राचीनकाल से मान्यता है कि इससे बीमारियां नहीं होती।

Holi 2009 (2)

जितने वर्ष आयु , उतनी करें होली की परिक्रमा

जलती हुई होली की उतनी बार परिक्रमा करें जितने वर्ष आयु है। हर बार परिक्रमा करते वक्त होली में हर फेरे के अंत में पूर्वाभिमुख होकर कोई न कोई मेवा समर्पित करते जाएं।  जिन लोगों को डायबिटिज है वे मधुर मेवा या  थोड़ा-थोड़ा गुड अथवा शक्कर होलिकाग्नि में डालते जाएं।

पापमुक्ति के लिए काले तिल चढ़ाएं

अपने पापों से मुक्ति चाहने वाले जलती हुई होली की परिक्रमा करते हुए काले तिल चढ़ाएं।

श्रीफल चढ़ाएं

सुख-शांति और समृद्धि की कामना करने वाले हाथ में पानी वाला श्रीफल लेकर जलती होली की पांच, सात, ग्यारह अथवा इससे अधिक विषम बार परिक्रमा करें और अंत में पूर्वाभिमुख होकर होलिकाग्नि में समर्पित कर दें। इससे सभी प्रकार से आनंद बना रहता है।

शत्रु शमन के लिए ये करें

जो लोग शत्रुओं से परेशान हैं उन्हें चाहिए कि शत्रु के फोटो के साथ पीली सरसों की पुड़िया बांध लें और जलती हुई होली में डाल दें। लेकिन ध्यान रखें यह प्रयोग केवल दुष्टों, भ्रष्टाचारियों, रिश्वतखोरों और व्यभिचारियों पर ही सफल होगा। सज्जनों पर इसका कोई असर नहीं होने वाला।

प्रेम पाने के लिए ये करें

प्रेम पाने और सभी का प्रिय बनने के लिए, दाम्पत्य प्रेम को प्रगाढ़ करने के लिए जलती होली में गुलाल डालते हुए परिक्रमा करते जाएं। इससे प्रेम संबधों में स्थायित्व और प्रगाढ़ता आती है। पति-पत्नी में प्रेम बढ़ता है। साथ में एक-एक द्राक्ष या अंगूर भी चढ़ाते जाएं।

बच्चों के लिए यह करें

कई बार छोटे बच्चे किसी विशेष खान-पान की सामग्री से बचते हैं और ग्रहण नहीं करते। इससे माता-पिता परेशान रहते हैं। इस स्थिति में बच्चे जिस वस्तु से घृणा रखते हैं उसे लेकर बच्चे के साथ जलती होली की परिक्रमा करें और अन्त में उस वस्तु को होली को समर्पित कर दें।