उपेक्षा करें कमीनों की

असुरों की सबसे बड़ी विजय है दैव वंश का प्रभावित और प्रतिक्रियावादी हो जाना। लोग हमें भटकाने – भड़काने की कोशिश करते रहते हैं और यही चाहते हैं कि हम अपने श्रेष्ठ कर्म को छोड़कर भटक जाएं। जो कुछ कर रहा है उसे करने दो। उस तरफ ध्यान देने का अर्थ है कि हम उसे गंभीरता से ले रहे हैं। आज एक कोई सामने है, कल दूसरा आएगा और इसी तरह एक के बाद एक आते जाएंगे। बेपरवाह रहें। हमारा, समाज का या देश का मूल्यांकन करने का ठेका किसी एक इंसान के पास नहीं होता।