धन्य हैं कुण्डली मिला देने वाले

वे तमाम सिद्ध ज्योतिषी महानुभाव धन्य हैं जो ग्रहों-नक्षत्रों की चाल को अपने हिसाब से सैट करके कुण्डली मिलान कर देते हैं और इस तरह विवाह का सुख प्रदान कर दाम्पत्य का आनंद प्रदान कर दिया करते हैं। कई बार ऎसी-ऎसी कुण्डलियों के अधिकांश गण मिल जाते हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि कुण्डली बिल्कुल नहीं मिल पा रही है।  पर कई ज्योतिषी ग्रहों से सीधे संबंध स्थापित कर कुण्डली मिला देते हैं। वास्तव में यह ज्योतिषियों की कृपा और चमत्कार ही है।  इसके बाद तो जातक का भाग्य ही काम करता है। एक बार मिलान हो गया, शादी हो गई, फिर कुछ हो जाए तो दोष जातक का ही है जिसने ग्रह-नक्षत्रों को सरकने क्यों दिया। कितना अच्छा हो सारे मैरिज ब्यूरो वाले भी ग्रहों और नक्षत्रों को पकड़-पकड़ कर कुण्डली में अपनी मनचाही जगह पर बिठा कर सब कुछ अपने अनुकूल  कर लें। सोने में सुहागा होगा यह सब। यों भी अभावों में भाव भरना और शादी के उतावले लोगों को कोई सा जुगाड़ बिठा कर दाम्पत्य सुख प्रदान करना सबसे बड़ा पुण्य है। अपना जुगाड़ जमा कर कुण्डली मिलान करने वाले सभी महानुभावों के दिव्य हुनर को देखते हुए उन्हें चार गुनी दान-दक्षिणा प्रदान की जानी चाहिए। आखिर असंभव को संभव बनाने का करिश्मा जो दिखा रहे हैं।