मेवाड़ अंचल के वयोवृद्ध पत्रकार पं. जीवराज शर्मा का सम्मान

मेवाड़ अंचल के वयोवृद्ध पत्रकार पं. जीवराज शर्मा का सम्मान

पुरानी पीढ़ी के जुझारू, दशकों से पत्रकारिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्यरत संघर्षशील योद्धा तथा वयोवृद्ध पत्रकार पं. श्री जीवराज शर्मा का राजसमन्द में आध्यात्मिक चिन्तक एवं प्राचीन तंत्र विद्याओं  के सिद्धहस्त, उदासीन धूंणा, लालबाग नाथद्वारा के महंत श्री बाबा रामदास महाराज एवं दूरस्थ सघन वन क्षेत्रों के बीच गोरमघाट स्थित पर्वतसिंह की धूंणी, काजलवास के बाबा बाल योगीनाथ तथा विशिष्टजनों द्वारा उपरणा ओढ़ाकर सम्मान-अभिनंदन किया गया। साथ ही राजस्थान सरकार द्वारा प्रकाशित प्रचार साहित्य का सैट भी पं. जीवराज शर्मा एवं समस्त आगंतुकों को भेंट किया गया।

पं. जीवराज शर्मा अपने अक्खड़ी अन्दाज और फक्कड़ी संवाद शैली की वजह से बहुचर्चित हैं और वे जो कुछ कहते हैं वह बिना किसी लाग-लपेट के पूरी निर्भयता से कहने का साहस रखते हैं।

उनकी उन्मुक्त अभिव्यक्ति और संवाद शैली को जो एक बार सुन लेता है वह जिन्दगी भर पं. जीवराज शर्मा को भुला नहीं पाता।

वयोवृद्ध होते हुए भी उनमें किशोरों जैसा ज़ज़्बा और उत्साह भरा हुआ है। मेवाड़ अंचल में पत्रकारिता की तीन पीढ़ियों को उन्होंने देखा, महसूसा और सान्निध्य भोगा है।

उनके शब्द बाणों को वही सहन कर सकता है जिसके पास ईमानदारी, पारदर्शिता और निर्भयता हो, अन्यथा उनका हर शब्द असामयिक और अनचाहे वज्रपात का अहसास ही कराता है।

ऎसी अजीम शखि़्सयत का सम्मान करना भी अपने आप में किसी साहस से कम नहीं।

One comment

  1. kunwar Ajit Pratap Singh Pilot

    Excellent thought.