स्वास्थ्य चर्चा – स्वाईन फ्लू में रामबाण है होम्योपैथिक निदान

स्वास्थ्य चर्चा – स्वाईन फ्लू में रामबाण है होम्योपैथिक निदान

स्वाईल फ्लू के संभावित संक्रमण से बचाव के लिए ऎहतियाती उपायों को अमल में लाने के साथ ही होम्योपैथी चि कित्सा पद्धति बेहतर कारगर है। 

जाने-माने होम्यापैथी चिकित्सा विशेषज्ञ एवं संजीवनी क्लीनिक के संचालक डॉ. रुचिर नागर बताते हैं कि आजकल देश के विभिन्न हिस्सों में स्वाईन फ्लू तेजी से अपने पांव रहा है और इससे संक्रमित रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

इसमें सर्दी, जुकाम, गले में खराश, खाँसी और बुखार आदि स्वाईन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। ऎसे समय में जब स्वाईन फ्लू  से मुक्ति पाने के लिए होम्योपैथी की कुछ दवाइयां बहुत कारगर हैं।

       ये लें खुराक

       डॉ. नागर के अनुसार  स्वाईन फ्लू से बचने के लिए जेल्सेमियम और आर्सेनिक अल्ब की 30 शक्ति में तीन-तीन खुराक तीन दिन तक लेनी चाहिए।

इन दवाइयों के सेवन से शरीर में फ्लू के विरोध में एंटिबोडिज का निर्माण होता जाता है और ये एंटिबोडिज इस रोग के वाइरस को शरीर में प्रवेश करते ही खत्म कर देते हैं।

होम्योपैथिक दवाइयों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए ये दवाइयां सभी उम्र के व्यक्तियों को दी जा सकती हैं और इस जानलेवा रोग से बचा जा सकता है।