दीपावली का टोटका – कारगर ईलाज समाज और देश के हित में

यों करें खात्मा इन भ्रष्टाचारियों और हरामखोरों का …

बहुत सारे बड़े-बड़े और महान लोग हैं जो समझते हैं कि दुनिया उनकी सेवा-चाकरी के लिए बनी है, उनका दासत्व स्वीकार करते हुए मनचाहे शोषण और क्षरण के लिए बनी है और इन लोगों से कुछ भी मंगवाया जा सकता है, कुछ भी काम करवाया जा सकता है। यों कहें कि दुनिया के लोग इन डकैतों, रिश्वतखोरों और भ्रष्टाचार करने वालों से परेशान हैं। दुर्भाग्य से इन लोगों के पास वह सब कुछ है जिसका उपयोग कर वे निर्दोषों, भोले-भालों और सज्जनों का चाहे जो बिगाड़ा कर सकने की स्थिति में हैं। खासकर ईमानदार और कर्मनिष्ठ लोगों पर ऎसे शोषकों, संवेदनहीनों और अमानवीय किस्म के लोगों की ओर से चौतरफा हमले हमेशा होते रहे हैं लेकिन असंगठित होने के कारण इन सज्जनों के भाग्य में हमेशा दुःख और कुण्ठाओं के साथ निराशा व हताशा लगी रहती है।

दीपावली की अमावास्या का यह दिन इन मानवताहीन लोगों को ठिकाने लगाने के लिए बड़े ही महत्व का है।  जो बड़ा है वह हमेशा मुफत के माल और मिठाई, मुद्राओं का लोभी होगा ही होगा। सज्जनों को चाहिए कि जो लोग उन्हें तंग करते हैं उनके बारे में प्रभु से प्रार्थना करें। इसके साथ ही दीपावली के दिन इन लोगों को जो मिठाई का पैकेट, उपहार, मेवा आदि गिफ्ट करें, उसे देने से पूर्व अपने शरीर पर सात बार वार कर अर्थात उतार कर ले जाए और जिस समय उतारा करे उस समय यह भावना करे कि हमारे सारे अनिष्ट, ग्रह बाधाएं और बीमारियां इस पैकेट में जा रही हैं। इसी प्रकार जो लोग मुद्रा के लोभी हों, उन्हें मुद्रा गिफ्ट करने से पूर्व इसी प्रकार अपने शरीर से सात बार वार कर उन्हें प्रेमपूर्वक गिफ्ट दे दें। सात या आठ दिनों के भीतर इसका असर सामने आना शुरू हो जाएगा। बहुत से लोग हैं जो भिखारियों की तरह दीवाली पर गिफ्ट, मिठाइयां, मुद्रा आदि पाने के लिए उतावले बने रहते हैं और मातहत अपने अपने आकाओं की इच्छा का सम्मान करते हुए यह सब कुछ करने को विवश रहते हैं।  प्राचीनकालीन टोटकों में रहस्यमयी ताकत छिपी हुई है। इनका प्रयोग करें और समाज  को भ्रष्टाचारियों, रिश्वतखोरों, शोषकों से मुक्ति दिलाने का नेक कार्य करने में भागीदारी निभाएं। ध्यान रहे यह प्रयोग किसी सात्विक और सज्जन व्यक्ति के साथ न करें अन्यथा उल्टा प्रभाव हो सकता है। ( समाज और राष्ट्रहित सर्वोपरि है। )