दैवीय रहस्य  – यों धूल चटाएं चीन-पाक और आतंकियों को . . .

दैवीय रहस्य  – यों धूल चटाएं चीन-पाक और आतंकियों को . . .

ग्रहण के समय जो कुछ किया जाता है, जो वाक्य बोला जाता है वह मंत्रसिद्धि के दायरे में आ जाता है। ग्रहण काल में जिस किसी अक्षर, वाक्य या शब्द का उच्चारण होता है उसका प्रभाव हजार गुना हो जाता है।

हम चाहें तो चीन, पाक, आतंकियों और भारतमाता के तमाम दुश्मनों का खात्मा कर डालने की ताकत पा सकते हैं यदि हम ग्रहण काल का उपयोग कर लें।

हम केवल इतना ही करें कि ग्रहण काल में चीन, पाक और आतंकियों सहित राष्ट्र शत्रुओं के खात्म और अपनी ताकत बढ़ाने का संकल्प लेकर केवल तीन बार राष्ट्रगान (जन-गण-मन …) का गान कर लें।

इससे यह मंत्र के रूप में सिद्ध हो जाएगा। देश भर के लोग यह कर लें तो भारत के पक्ष में इतनी बड़ी ऊर्जा संग्रहित हो सकती है जिसका कोई मुकाबला नहीं, दुनिया भी इतनी दिव्य और दैवीय ताकत नहीं पा सकती।

फिर आने वाले दिनों में सभी जगह स्वतंत्रता दिवस समारोह होंगे जिनमें करोड़ों लोग एक समय में एक साथ राष्ट्रगान करेंगे।

उस दिन राष्ट्रगान से पूर्व मन में यह संकल्प ले लें कि हम समस्त भारतवासी  राष्ट्ररक्षा, देश विकास,  सर्वतोमुखी उन्नति, भारतमाता को परम वैभव प्रदान करने तथा देश के दुश्मनों के समूल नाश के लिए राष्ट्रगान कर रहे हैं।

इसका यह असर होगा कि भारत के पक्ष में परमाण्वीय ताकत से भी अधिक ऊर्जा संग्रहित होगी और इससे लाभ हमारे देश को ही होगा।

हम सभी लोग अपने-अपने मत-सम्प्रदाय के अनुरूप भी देश रक्षा और शत्रु शमन के लिए ग्रहण काल में मंत्र प्रयोग कर सकते हैं किन्तु सबके मंत्र आदि अलग-अलग होने से एक तरह की सामूहिक ऊर्जा संग्रहित नहीं हो पाती। इसलिए ऎसा कोई वाक्य होना चाहिए जिसे लाखों-करोड़ों लोग एक साथ बोलें ताकि सैकड़ों परमाणुओं जितनी ऊर्जा संग्रहित हो सके।

इस दृष्टि से राष्ट्रगान सर्वश्रेष्ठ माना गया है। फिर पन्द्रह अगस्त को करोड़ों देशवासी एक साथ एक समय में राष्ट्रगान करेंगे, इसका तत्काल फायदा देश को प्राप्त होगा।

One comment

  1. जय हिन्द ।
    कारगर उपाय

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