निन्दा प्रस्ताव – यूएनओ को ऎसा नहीं करना चाहिए

हम सभी परम सेकुलरों के लिए इस बार की दीपावली अच्छी नहीं रही। संयुक्त राष्ट्र संघ भी दीपावली मनाने लग गया है। यह हमें कतई अच्छा नहीं लगा। रोशनी का पर्व और हर तरफ रोशनी को  देख कर हमारी आंखे चुँधियाने लगी हैं।

यह रोशनी का समन्दर हम सभी सेकुलरों के लिए सरासर अपमान है। ऎसा नहीं होना चाहिए। हम रोशनी पर्व मनाने के लिए यूएनओ की कठोर शब्दों में निन्दा करते हैं। उसे रोशनी का दामन नहीं थामना चाहिए था।

हम दुनिया के सभी सेकुलरों का आह्वान करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र संघ की इस कार्यवाही का विरोध करे क्योंकि यह वैश्विक धर्म निरपेक्षता का सरासर अपमान है। हमें रोशनी से चिढ़ है और यूएनओ वही कर रहा है जो हमें पसंद नहीं है। यह हमारे अंधकार और हमारी अंधियारी हरकतों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

आईये हम सब मिलकर यूएनओ के खिलाफ अभियान छेड़ें।  यही सब होता रहा तो ये दुनिया वाले पूरे संसार में दीपावली मनाते हुए रोशनी का समन्दर पसरा देंगे, यह हम सभी सेकुलरों के मुँह पर उन लोगों का करारा तमाचा है जो  उजाले के पर्व को मनाते हुए अंधेरों की सियासत खत्म कर देने पर आमादा हैं।