अवसाद को बदलें आनन्द में

सुख-दुःख, प्रसन्नता और अवसाद तथा इस जैसी ही सम-विषम स्थितियां हर आदमी की जिन्दगी में सदैव बनी रहती हैं।  बचपन से लेकर पचपन पार हों…