दमखम है तो लिखें अपने मौलिक विचार, चुरा-चुरा कर क्या लिखना

किसी भी अच्छी, सच्ची और जनहित-राष्ट्रहित की बात पर कुछ कहना-लिखना अपने आप में शौर्य-पराक्रम से कम नहीं। सत्य के उद्घाटन और यथार्थ प्रतिक्रिया देना…

आत्म संवाद

दोनों में से एक ही मिलना संभव – श्रेष्ठ कर्म की खबर छपवा कर राजी हो जाओ अथवा मौन कर्मयेाग कर पुण्य संचय करते जाओ।…