दोहन नहीं यह शोषण है…

यों ही खोखली होती रही है हमारी व्यवस्था। लोग चूस-चूस कर व्यवस्था को अधमरी करने में लगे हुए हैं।  हम सभी का दायित्व है कि…

लोभो नाशस्य कारणम्…

हर जीवात्मा की यही स्थिति है। स्वाद और मुफत का प्राप्त करने के फेर में फंस ही जाता है। दूसरों की दुर्गति और अनुभवों से…

भौंकने वाले करमचारी

जिस दफ्तर में जो इंसान जोरों से बातें करता या चिल्लाता रहता है, समझ लो वह पहले जन्म में इसी बाड़े का कार्मिक या श्वान…

मनोरंजनिया लेखन

उस लेखन का क्या अर्थ, जिससे किसी का भला न हो, अभावों और समस्याओं का खात्मा न हो, खट्टे-मीठे-कड़वे-तीखे अनुभवों का समावेश न हो। केवल…

इस महापाप से बचें …

भगवान की कृपा का अनुभव करें, मुक्ति का मार्ग पाएं … भगवान के परम और सर्वश्रेष्ठ ज्ञानी और पूज्य भक्त बड़ी ही श्रद्धा से दिन-रात…

महामुक्त हो जाओ, फिर देखो – आनन्द ही आनन्द उफनता रहेगा

शून्यावस्था प्राप्त करो, आनंद अपने आप भर जाएगा, और थोड़ा आगे बढ़ो, महाशून्यावस्था में महाआनंद हिलोरें लेने लगेगा,यहीं से अनुभव होने लगेगा समाधि अवस्था के…