Health & Fitness

देसी नुस्खे आजमाएँ – रोग दूर भगाएँ

हमारे यहां छोटी-मोटी बीमारियों के ईलाज के लिए परम्परागत जड़ी-बूटियों और घरेलू मसालों का इस्तेमाल रामबाण सिद्ध होता रहा है। पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय जंगलों में उपलब्ध वनस्पतियों के आधार पर ही चिकित्सा की पुरातन परम्परा विद्यमान रही है। आज भी कई परिवारों में आयुर्वेद या पुराने नुस्खों के आधार पर ही सेहत का ख्याल रखा जाता है। ... Read More »

स्वास्थ्य चर्चा – स्वाईन फ्लू में रामबाण है होम्योपैथिक निदान

स्वाईल फ्लू के संभावित संक्रमण से बचाव के लिए ऎहतियाती उपायों को अमल में लाने के साथ ही होम्योपैथी चि कित्सा पद्धति बेहतर कारगर है।  जाने-माने होम्यापैथी चिकित्सा विशेषज्ञ एवं संजीवनी क्लीनिक के संचालक डॉ. रुचिर नागर बताते हैं कि आजकल देश के विभिन्न हिस्सों में स्वाईन फ्लू तेजी से अपने पांव रहा है और इससे संक्रमित रोगियों की संख्या तेजी ... Read More »

चिकित्सा का चमत्कार – जलचर जोंक करती है इंसानों का ईलाज

   पानी में पायी जाने वाली जोंक मामूली जलचर ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए आरोग्य देने वाली है। इसका प्रयोग त्वचा एवं रक्त संबंधित कई बीमारियों में किया जाता है।        पुराने जमाने में लोग इन जलचर जीवों के माध्यम से अपनी कई सारी बीमारियों का ईलाज किया करते थे। फोड़ा-फुँसी या रक्त विकार हो जाने अथवा चमड़ी से ... Read More »

इसलिए उठती है स्वाद की तलब, जगता है आकर्षण

हम जिस प्रकार के खान-पान का स्वाद रोजाना लेते हैं उनसे एकदक अलग हटकर यदि स्वाद आ जाता है तब शरीर की सभी लार ग्रंथियां अत्यधिक सक्रिय होकर उत्तेजना पैदा करने लगती हैं और इसका शरीर को अजीब सा नया आनंद प्राप्त होता है। यही कारण है कि अन्यतम आनंद की प्राप्ति हमारे आकर्षण को बढ़ा देती है। इसीलिए यह ... Read More »

एलर्जी-अस्थमा से मुक्ति पाने का नुस्खा

बहेड़ा चूर्ण को 21 बार गौमूत्र से भावना दें। बाद में चने के आकार की गोलियां बना लें और रोजाना 5-6 गोली चूस लें। इससे एलर्जी सहित पुराने से पुराने नजला, जुकाम, साईनस और अस्थमा से माह भर में मुक्ति मिल जाती है। इसके लिए एक बार में आधा किलो बहेड़े का चूर्ण लेकर उसमें आधा लीटर गौमूत्र मिला कर ... Read More »

अस्पताल परिसरों में तुलसी वन विकसित हो

सभी प्रकार के अस्पताल परिसरों में तुलसी वन विकसित किया जाना चाहिए। इससे नकारात्मकता और कीटाणुओं के संक्रमण का खतरा कम या समाप्त हो सकता है तथा सकारात्मकता का ग्राफ निरन्तर बढ़ता रहेगा। इस अनुकूल स्थिति का फायदा न केवल मरीजों और उनके साथ आने वालों को बल्कि स्टाफ को भी होगा। डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सभी संबंधित अधिकारियों-कार्मिकों में सकारात्मक ... Read More »

स्वास्थ्य चर्चा – खान-पान में ध्यान रखें

हमारी रोजमर्रा की बीमारियों, अक्सर बनी रहने वाली उबासियों, थकान और भारीपन का मूल कारण हमारा खानपान है। इसमें ताजापन लाया लाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।ताजगी चाहें तो ताजा खान-पान करें। इससे न आलस्य आता है, न दिन भर उबासियां। जो लोग पैंकिंग वाले खान-पान का सेवन करते हैं वे बेड़ौल, आलसी, दरिद्री और यथास्थितिवादी हो जाते ... Read More »