Chintan

आनंद से ईश्वर या ईश्वर से ही आनंद

अपना लक्ष्य ईश्वर और वैभवशाली जीवन है। उसकी तरफ ध्यान दो। बाकी सब रास्ता भटकाने वाले हैं । जो भक्ति, कर्म और ज्ञान तथा ईश्वर की ओर बढने के मार्ग को बाधित करता है वह मित्र, प्रेमी और आनंद देने वाला होकर भी हमारा परम शत्रु है। यह सत्य ही है। कोई हमें पकड़ता नहीं है। हम ही हैं जो ... Read More »

यह न करें …

हथेली एवं नोट पर कुछ न लिखें। न अपना नाम लिखें न रेखाएं खींचे] न और कुछ भी इससे सौभाग्य में कमी आती है। Read More »

जनहित में विनम्र सुझाव …

शौक से जलाओ पुतले …पर सामूहिक भोज भी तो करो … जो लोग आए दिन देश में किसी न किसी मुद्दे को लेकर किसी न किसी का पुतला फूंकते रहते हैं। उन्हें चाहिए कि उत्तरक्रियाओं में भी कंजूसी नहीं बरतें। पुतला फूंकने के बाद सभी उत्तर क्रियाएं भी की जानी चाहिएं। ऎसा न करने से अनिष्ट होता है। जो पुतला ... Read More »