Chintan

धन्य हैं कुण्डली मिला देने वाले

वे तमाम सिद्ध ज्योतिषी महानुभाव धन्य हैं जो ग्रहों-नक्षत्रों की चाल को अपने हिसाब से सैट करके कुण्डली मिलान कर देते हैं और इस तरह विवाह का सुख प्रदान कर दाम्पत्य का आनंद प्रदान कर दिया करते हैं। कई बार ऎसी-ऎसी कुण्डलियों के अधिकांश गण मिल जाते हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि कुण्डली बिल्कुल नहीं मिल पा ... Read More »

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से एक विनम्र आग्रह

इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों को यह सुविधा दी जानी चाहिए कि वे यदि अपने संस्थान की व्यवस्था और प्रशिक्षण से सन्तुष्ट नहीं हैं तो बीच में ही छोड़ कर देश में किसी भी जगह दूसरे संस्थान में उसी कक्षा/कोर्स में प्रवेश पा सकते हैं। सभी प्रकार का शुल्क, छात्रावासी शुल्क आदि का बकाया पैसा प्रशिक्षणार्थी ... Read More »

यही है रहस्य सुख-दुःख का

सब लोग सुख चाहते हैं, दुःखी रहना कोई नहीं चाहता। लेकिन जो पूर्वजन्मार्जित पाप-पुण्य हैं वे दुःख और सुख के रूप में आते-जाते रहते हैं। नियति के इस चक्र से कोई नहीं बच सकता।  असल में न कोई सुख है, न कोई दुःख। यह मन की अवस्थाएं हैं जो किसी के लिए अनुकूल हुआ करती हैं और किसी के लिए ... Read More »

निकम्मे ही कोसते हैं भगवान या भाग्य को

जब भी कोई अच्छा सुकून देने वाला कुछ होता है हम छूटते ही कह दिया करते हैं हमारी मेहनत का परिणाम है। तब हम न भाग्य को याद करते हैं, न भगवान को। लेकिन जब कभी बुरा लगता है तब भाग्य को भी कोसते हैं और भगवान को भी नहीं छोड़ते।अधिकांश लोगों की पूरी जिन्दगी इसी आदत में निकल जाती ... Read More »

स्त्री मात्र को है पूजा का पूर्ण अधिकार

स्त्री मात्र को पूजा का पूरा अधिकार है। चाहे वह शिवलिंग की पूजा हो या फिर किसी और देवी या देवता की। जो लोग स्ति्रयों को शिवलिंग या किसी भी देवी-देवता के मन्दिर में गर्भ गृह में जाने से रोकते हैं वे धर्म के मूल तत्व से अनभिज्ञ, पाखण्डी और धूर्त होते हैं, इन लोगों के जीवन से धर्म बाहर ... Read More »

यक्ष प्रश्न – कहाँ गायब हो गए खटमल ?

क्या ग़ज़ब हो गया है। अब खटमल कहीं दिखते नहीं, गायब हो गए हैं। कुछ दशक पहले तक लोग परेशान हुआ करते थे खटमलों से, खटमलों को मारते-मारते तंग आ जाते थे फिर भी साले कपड़ों, खटिया, कुर्सी-टेबल, सोफों और दूसरे कोनों में दुबके रहते और मौका हाथ लगते ही खून चूस लिया करते थे। शरीर पर लाल उभार भरा ... Read More »

इंसान हैं, इंसान बनें रहें

इंसान की तरह जियें इंसान होना अपने आप में परमात्मा की परम कृपा है, मनुष्य भगवान का अंश है और उसे उसी मौलिकता में इंसानी गर्व के साथ जीना चाहिए। लेकिन बहुत से लोग अपने आपको इंसान की बजाय छोटी-मोटी गुमटी, कियोस्क या दुकान के रूप में स्थापित कर लिया करते हैं और मरते दम तक धंधेबाजी में रमे रहते ... Read More »

अनिष्ट निवारण के लिए होली के समक्ष लें संकल्प

जो लोग एक पेड़ नहीं लगा सकते, पेड़ों की कटाई करते हैं, वनों का सफाया करते हैं और प्रकृति का शोषण करते हैं उन्हें होली दहन का कोई अधिकार नहीं है। ये लोग होली के नाम पर लकड़ियां जलाते हैं तो उन्हें पाप का भागी होना पड़ता है और साल भर के भीतर उतने अनिष्ट आते हैं जितनी लकड़ियाँ ये ... Read More »

होली पर विशेष – होना चाहिए खात्मा होलिकाओं और हिरण्यकश्यपों का

उस जमाने में दानवी संस्कृति के परिचायक हिरण्यकश्यप भी थे और सत्ता के मद भरी फायरप्रूफ होलिकाएं भी। अंधे मोह और मद भरी कुर्सियों का वजूद तब भी था और अब भी है। अन्तर सिर्फ इतना भर हो गया है कि तब एक हिरण्यकश्यप था, एक होलिका थी। आज कई शक्लोें और लिबासों में हिरण्यकश्यपों की जमातें हैं, कुर्सी को ... Read More »