कहीं पिल्ले और बिल्ले, कहीं ये रंगे सियार

लोग अपने आपको तीसमारखाँ दिखने-दिखाने के फेर में हैं। अपनी मौलिक प्रतिभा और गुणधर्म को भुलाकर अपने से ज्यादा ओहदेदारों और प्रतिभाशालियों के बराबर अपने…

परम सत्ता सर्वोपरि

हम सभी लोग हमेशा कुछ न कुछ चाहते हैं और इस चाहत को पूर्ण करने के लिए दुनिया भर के सारे जतन करते रहते हैं।…

प्रकृति को जानें

इंसान को हमेशा तरोताजा रहने के लिए जरूरी है कि वह अपने आस-पास के परिवेश को जानें, समझें और इसके माध्यम से ज्ञानार्जन तथा अनुभवों…

करामाती छछून्दर

हाल के दशकों में जाने ऎसा क्या हो गया है कि लोग बिना मेहनत किए सब कुछ पा जाने के लिए ऎसे उतावले बने रहते…