सहेज कर रखें अपनों को

करोड़ों की जनसंख्या के बीच कुछ गिने-चुने लोग ही अपने हो पाते हैं। लेकिन यही काफी नहीं है। जो अपने हैं उन्हें अपना बनाए रखना…

अजीब हैं ये ठूँठ और ठोंठी

जीवात्मा को मनुष्य की देह प्रदान कर भगवान धरती पर इसलिए भेजता है कि वह अच्छे और सच्चे इंसान के रूप में पुरुषार्थ अर्थात धर्म,…

कहीं पिल्ले और बिल्ले, कहीं ये रंगे सियार

लोग अपने आपको तीसमारखाँ दिखने-दिखाने के फेर में हैं। अपनी मौलिक प्रतिभा और गुणधर्म को भुलाकर अपने से ज्यादा ओहदेदारों और प्रतिभाशालियों के बराबर अपने…

परम सत्ता सर्वोपरि

हम सभी लोग हमेशा कुछ न कुछ चाहते हैं और इस चाहत को पूर्ण करने के लिए दुनिया भर के सारे जतन करते रहते हैं।…