ये मशालची भी है, और मसालची भी

मनुष्य के लिए पारस्परिक संवाद जीवन का वह अनिवार्य क्रम है जो तमाम समस्याओं और विषमताओं का निवारण कर सफल जीवनयापन का सुकून देता है। …

सब जगह है पागलों की भरमार

पागलों को कहीं ढूँढ़ने नहीं जाना पड़ता। छोटे से छोटे गांव से लेकर बड़े से बड़े महानगर और राजधानियों तक किसम-किसम के पागलों का जमावड़ा…

आवारा साण्डों की धमाल

आजकल बतरसिया और कामचोरों ने कर्मयोग का परित्याग कर दुनिया जहान की बातों और चर्चाओं में रस लेना शुरू कर दिया है। पहले जमाने में…

हर क्षण का करें उपयोग

समय ही पूरी दुनिया की वह धुरी है जिसके इर्द-गिर्द सृष्टि घूमती है और पिण्ड से लेकर ब्रह्माण्ड तक सभी कारक प्रभावित होते हैं। काल…

खुद को करें बुलन्द

खुद बनाएं अपनी पहचान ‘यथा योग्यं तथा कुरु’ वाला समय अब नहीं रहा। इस मामले में हालात अब उलट-पुलट हो गए हैं। एक तो गुणी…

अपना काम करें चुपचाप

हर इंसान पूरी जिन्दगी किसी एक लक्ष्य को केन्द्र में रखकर अपने व्यक्तित्व को गढ़ता है और उसी के अनुरूप वह अपने चरित्र, स्वभाव और…