स्मृति शेष – फक्कड़ी बादशाह दिनेश दादा – हरफनमौला युगीन किरदार का अवसान

अचानक खबर आयी कि दिनेश दादा नहीं रहे। लगा कि जैसे परंपरागत पुरातन ज्ञान और अनुभवों से भरा कोई आत्मआनन्दी सितारा आसमान से टूट कर…

स्मृति शेष – दिव्य गायत्री साधक बण्डू महाराज का महाप्रयाण

शैव, शाक्त और वैष्णव उपासना धाराओं के साथ ही वैदिक परम्पराओं और प्राच्यविद्याओं का गढ़ रहा राजस्थान का दक्षिणांचलीय जिला बांसवाड़ा धर्म-कर्म के क्षेत्र में…

दैदीप्यमान नक्षत्र हर दिल अजीज प्रो. (डॉ.) महिपालसिंह राव

लोक मनोविज्ञान के फक्कड़ दर्शन विज्ञानी …. जिनका समग्र जीवन है आनंद और उल्लास भरा सुनहरा मनोरम प्रपात विद्वानों के प्रदेश वाग्वर की आदिकाल से…

हिमालय की चोटियों और आसमान तक पहुँची वागड़ की महक

साहसी शैलपुत्री महक सनाढ्य ने महकाया आसमान राजस्थान के छोटे से शहर बाँसवाड़ा की महक हिमालय की उत्तुंग पर्वतमालाओं तक जा पहुँची है। बहुआयामी व्यक्तित्व…

स्मृतिशेष – रामेश्वरप्रसाद पण्ड्या

चट्टानी व्यक्तित्व, सहृदयता और औदार्य संवेदनाओं का अद्भुत-अनुकरणीय समन्वय शिखर पं. रामेश्वरप्रसाद पण्ड्या का अचानक चले जाना मन को व्यथित कर गया। उन्हें किसी एक…

यादगार चर्चा – स्वतंत्रता सेनानी मास्टर सूरजमल से अन्तरंग मुलाकात

( स्वतंत्रता सेनानी मास्टर सूरजमल से उनकी मृत्यु के एक वर्ष पूर्व आत्मीय क्षणों में हुई अन्तरंगत मुलाकात में उन्होंने अपने बारे में बताया। साथ…

स्मृति शेष – स्वतंत्रता सेनानी मास्टर सूरजमल

भारतीय स्वाधीनता संग्राम में बांसवाड़ा के सेनानियों का योगदान भी कोई कम नहीं रहा जिन्होंने अंग्रेजों से लोहा लिया, संघर्ष का ज्वार उमड़ाया और देश…

जुझारू राष्ट्र चिंतक – श्री परमेश्वरलाल भावसार

राष्ट्रवादी विचारधारा से ओत-प्रोत और संघर्षशील व्यक्तितव के रूप में बांसवाड़ा के श्री परमेश्वरलाल भावसार का कोई सानी नहीं। उग्रवादी सोच और कठिन संघर्ष के…

पतंजलि योगपीठ के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी प्रदीप शर्मा का बांसवाड़ा में अभिनन्दन

सोशल मीडिया का लोकमंगलकारी स्वरूप अंगीकार करने का आह्वान राष्ट्रीय चिन्तन के साथ भारत के नवनिर्माण में जुटें – महामण्डलेश्वर हरिओमदास         बांसवाड़ा /वर्तमान में…