Astrology

न देखें पीछे मुड़कर

काम-धंधे, नौकरी या यात्रा पर जाने के लिए घर की दहलीज से बाहर निकलने के बाद पीछे मुड़कर घर की ओर देखना नहीं चाहिए। इससे लक्ष्य प्राप्त करने में रुकावट आ सकती है। सीधा सा अर्थ है कि घर से निकलने के बाद कभी भी मुड़कर वापस घर की ओर नहीं देखना चाहिए। कई लोग घर से बाहर यात्रा पर ... Read More »

धुलेण्डी का टोटका

जिस ग्रह को प्रभावी बनाना चाहें उसी से संबंधित रंग का धुलेण्डी पर अधिकाधिक प्रयोग करें।  प्रेम और सौहार्द की अभिवृद्धि के लिए शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने के बाद ही रंग-अबीर-गुलाल से होली खेलना आरंभ करें। अपनी राशि के अधिपति ग्रह से संबंधित रंग से होली खेलने पर साल भर अच्छा प्रभाव देखने में आता है। Read More »

परमाण्वीकरण करती है होली

यज्ञ हो अथवा होली, इसमें जो कुछ पदार्थ समर्पित किया जाता है वह धूम्र रूप में सूक्ष्मीकृत होकर परमाण्वीय क्षमता पा लेता है और व्योग में संग्रहित हो जाता है।  जब भी होता अर्थात समर्पित करने वाले को किसी बीमारी या संकट के समय जरूरत पड़ती है, तब मंत्रों के आवाहन करने पर सूक्ष्म किन्तु परमाण्वीय प्रभाव दिखता है। इसलिए ... Read More »

Special होली पर करें ये प्रयोग

होली कई प्रकार से हमारे जीवन के लिए लाभकारी है। जलती होली की सात या इससे अधिक विषम बार परिक्रमा करें। इससे आरोग्य, सु अपने जीवन की सभी प्रकार की बुराइयों का स्मरण करें और एक-एक बुराई के लिए एक-एक परिक्रमा करते हुए कोई न कोई हवनीय वस्तु होलिकाग्नि में स्वाहा कर दें।  इससे बुराइयों से मुक्त हो जाएंगे अथवा ... Read More »

केवल ब्राह्मणों के लिए …

ब्राह्मणों खासकर पूजा पाठी और अनुष्ठानी पण्डितों के लिए नीले-काले वस्त्र वर्जित हैं। पहले पण्डित धुलने लायक पवित्र झोले में आसन, पात्र, माला, पुस्तकें इत्यादि पूजन-सामग्री रख कर पूजन-अनुष्ठान में जाते थे। अब चमड़े या रैग्ज़िन के बैग का प्रयोग करने लगे हैं। ये बैग महीनों तक नहीं धूल पाते। इससे अपवित्रता और संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। ... Read More »

जिह्वा पर तिल

आम तौर पर माना जाता है कि शरीर में स्त्री के बाँये LEFT और पुरुष के दाँये RIGHT भाग में जिस अंग पर तिल होता है उसका शुभ प्रभाव सामने आता है। इसके विपरीत होने पर प्रतिकूल असर दिखता है। यदि स्त्री की जिह्वा पर LEFT बाँयी ओर तिल और पुरुष की जिह्वा पर RIGHT दांयी ओर तिल हो तो ... Read More »

शुक्रवार को करें यह प्रयोग – पाएं ऎश्वर्य-विलासिता का आनन्द

हर शुक्रवार को अपने घर के मुख्य द्वार पर अशोक के पत्तों की तोरण बाँधे। अगले शुक्रवार को पुरानी तोरण के पत्तों को वहाँ से हटाकर पेड़-पौधों की जड़ों में डाल दें। इससे घर-परिवार में खुशहाली रहती है। ध्यान रहें कि असली अशोक वृक्ष (स्थानीय भाषा में आसोपाला) लम्बा चोटीदार नहीं बल्कि आम, नीम आदि अन्य पेड़ों की तरह विस्तृत ... Read More »

अपने में सम्मोहनकारी आकर्षण जगाएं

अनुभूत प्रयोग – जीवन निर्वाह के पूरे सफर को आसान तथा आशातीत सफल बनाने में कुछ दिव्य प्रयोग अद्भुत प्रभाव दिखलाते हैं। इनका यदि श्रद्धा व विश्वास के साथ प्रयोग किया जाए तो निश्चय ही लाभ प्राप्त होता देखा गया है। इसमें न कोई पैसा लगता है, न कोई टका। प्रयोग भी इतने आसान की हर कोई कर सकता है। ... Read More »

जन्मदिन को यों बनाएं खास

गौसेवा अनुष्ठान करें, साल भर स्वस्थ-मस्त रहें अपने जन्मदिन को खास बनाते हुए इस अवसर को साल भर के लिए सुकूनदायी बनाएं। इससे पूरे वर्ष यश-कीर्ति, आरोग्य और आनंद का सहज-स्वाभाविक प्रवाह बना रहता है और अरिष्ट-अनिष्ट तथा तमाम प्रकार की आपदाओं-दुर्घटनाओं से बचा रहा जा सकता है। अपने जन्म की दिनांक या तिथि के दिन अपनी आयु या वजन ... Read More »

चमत्कारिक महामंत्र है – ॐ नमः शिवाय

महाशिवरात्रि पर और कुछ न कर सकें तो केवल ॐ नमः शिवाय के जप कर लें। साधना के तौर पर जितने अधिक समय तक सहजतापूर्वक बैठ सकते हैं उतने समय बैठकर इस मंत्र की माला करें। यह पंचाक्षरी मंत्र अपने आप में बड़ा ही प्रभावशाली है। बैठकर न कर सकें तो अपने कामकाज करते हुए निरन्तर इस मंत्र का जप ... Read More »