Astrology

अमृत कलश

पितरों के संदर्भ को छोड़कर दक्षिण दिशा की ओर मुँह कर भोजन न करें। अपने जूते-वाहनों आदि का मुँह (अगला सिरा) दक्षिण दिशा की ओर न रखें। इससे बीमारी और अनिष्ट की आशंका बनी रहती है। Read More »

मोबाइल टूट जाए तो सुकून मानें

अक्सर लोगों के मोबाइल किसी न किसी समय नीचे गिरकर या और किसी कारण से अचानक टूट जाया करते हैं। और कुछ नहीं तो स्क्रीन का काँच ही टूट जाएगा या और कोई क्षति हो जाएगी।  इस स्थिति में लोग घबरा जाते हैं। मोबाइल टूटने पर घबराहट स्वाभाविक है क्योंकि महंगे मोबाइल का यों ही टूट जाना सभी का अखरता ... Read More »

दिव्य रहस्योद्घाटन पहली बार – ग्रहण काल के अनुभूत प्रयोग

ग्रहणकाल अपने आप में कई विलक्षणओं से भरा हुआ होता है। इसमें जो कुछ किया जाता है उसका सीधा संबंध संबंधित उपास्य देव या देवी से हो जाता है। इसमें साधक और उपास्य देव के बीच के सारे अवरोध समाप्त हो जाते हैं। इसलिए कम समय में हजार गुना फल की प्राप्ति होती है और सिद्धि मिलना आसान रहता है। ... Read More »

आशातीत सफलता चाहें तो ग्रहण काल में साधना का आश्रय पाएं

अधिकांश लोग ग्रहण की महिमा से अनभिज्ञ हैं और उन्हें यह तक पता नहीं है कि ग्रहण काल में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इन लोगों को ग्रहण के महत्व से कोई सरोकार नहीं है। वर्तमान मेंं हर तरफ कलियुगी माहौल है, मैले मन वालों और मैली विद्याओं का बोलबाला है और अधर्म, असत्य एवं कुटिलताओं भरी गलाकाट प्रतिस्पर्धा ... Read More »

दैवीय रहस्य  – यों धूल चटाएं चीन-पाक और आतंकियों को . . .

ग्रहण के समय जो कुछ किया जाता है, जो वाक्य बोला जाता है वह मंत्रसिद्धि के दायरे में आ जाता है। ग्रहण काल में जिस किसी अक्षर, वाक्य या शब्द का उच्चारण होता है उसका प्रभाव हजार गुना हो जाता है। हम चाहें तो चीन, पाक, आतंकियों और भारतमाता के तमाम दुश्मनों का खात्मा कर डालने की ताकत पा सकते ... Read More »

देवी साधना के रहस्य

देवी साधना रात्रिकाल में करना ज्यादा फलदायी होता है। देवी मन्दिरों में देवी के दर्शन से पूर्व भैरव और देवी के वाहन सिंह के दर्शन व पूजन कर लें। किसी भी देवी की साधना करें, इससे पूर्व भगवान भैरवनाथ का स्मरण जप कर लें। इसके बाद देवी साधना की शुरूआत करें। इससे भैरवनाथ हमारी साधना में जल्दी सफलता के लिए ... Read More »

स्वर्णकाल है ग्रहण, लाभ लें, सिद्धि पाएँ

ग्रहण कोई सामान्य खगोलीय घटना नहीं है बल्कि पिण्ड से लेकर ब्रह्माण्ड तक में महापरिवर्तन लाने वाली वह स्थिति है जिसमें सृष्टि और संहार के बीज पैदा होते हैं और समय पाकर जिनका अंकुरण होता है और इसके बाद प्राकट्य व दिग्दर्शन। इंसान के जीवन के लिए ग्रहण वह घटना है जिसका उसके अंग-प्रत्यंग और हर अवयव पर असर पड़ता ... Read More »

वृक्षारोपण से पाएं सुख-समृद्धि, यश-कीर्ति एवं दीर्घायु

जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति चाहें तो आज हरियाली अमावास्या से लेकर महीने भर के भीतर अपनी जितनी आयु है, उतने पेड़ निष्काम भाव से लगाएं और उन पेड़ों को भगवान भोलेनाथ के नाम समर्पित कर दें। दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आनन्द पाना चाहें तो अपने ग्रह-नक्षत्र से संबंधित पेड़ लगाएं और उनका सुरक्षित पल्लवन कर बड़े करें। जैसे-जैसे ... Read More »

अमावास्या के अनुभूत प्रयोग – आभामण्डल से हटाएं नकारात्मकता

लगातार लम्बे समय से शरीर भारी-भारी लग रहा हो, इच्छा होने के बावजूद काम में उत्साह न आ रहा हो, निराशा और निरुत्साह की स्थिति हो, बेवजह गुस्सा आता हो, किसी भी प्रकार की बीमारी या संकट का अहसास हो रहा हो तब यह उपाय कर लें। इससे शरीर का भारीपन दूर हो जाएगा, रोग से मुक्ति मिलेगी और अपने ... Read More »

इन्हें भेंट न करें भगवान की तस्वीरें …

आजकल भगवान इतने सस्ते हो गए हैं कि कोई सा अतिथि कहीं से आ जाए, उसे खुश करने के लिए हम उपहार स्वरूप भगवान की तस्वीरें भेंट करने के आदी हो गए हैं। पर शाश्वत सत्य ही है कि जो लोग भ्रष्ट, रिश्वतखोर, बेईमान, लम्पट, अहंकारी और नुगरे हों उन्हें भगवान की तस्वीरें भेंट नहीं करनी चाहिए क्योंकि  जिन लोगों ... Read More »