Astrology

यह प्रयोग करके देखें

अपने मन और शरीर यदि भारी-भारी लग रहे हों तो अपनी जितनी आयु है उतने बिस्किट लेकर अपने शरीर से सात बार उतार दें और इन्हें कुत्तों को खिला दें। इससे तत्काल भारीपन दूर होकर मन-शरीर हल्का हो जाएगा।     Read More »

समस्याओं पर विजय पाने दुर्गा मंत्र का प्रयोग करें

अपने जीवन की सभी समस्याओं के निवारण के लिए जब भी फुरसत मिले, निम्न मंत्र का मन ही मन जप करते रहें।   ॐ दुं दुर्गायै नमः   इससे थोड़े दिनों बाद अपने आप में दैवीय शक्ति का जागरण होगा और घर-परिवार की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। शौच और लघुशंका करने के समय को छोड़कर इसे कभी भी कर ... Read More »

यह पोस्ट केवल ब्राह्मणों के लिए है – इसलिए हो रहे ब्राह्मण दरिद्री और भिखारी

ब्राह्मणों को लोग भोजन कराते हैं इसके पीछे कई सारे कारण हैं। इनमें एक कारण यह भी है कि ब्राह्मण भोजन से पुण्य की प्राप्ति होती है। जो ब्राह्मण नित्यप्रति संध्या और गायत्री करते हैं वे तो यजमानों का भोजन अपनी तपस्या के बल पर पचा लिया करते हैं लेकिन जो लोग संध्या-गायत्री नहीं जानते या नहीं करते, वे इसे ... Read More »

धर्मक्षेत्रे – वागड़ में श्रावण मास की खण्डित पूर्णाहुति

वागड़ अंचल में अमान्त पद्धति के अनुसार श्रावण मास 21 अगस्त, सोमवार को समाप्त होगा। जो लोग श्रावण मास के व्रत करते हैं उनके लिए व्रत का उद्यापन कुछ स्थानों पर अमावास्या को ही हो जाता है। पूरे माह व्रत रखकर व्रत के अंतिम दिन अमावास्या को ही पूर्णाहुति कर दिए जाने के बाद भोजन-प्रसाद ग्रहण कर लिया जाता है। ... Read More »

अमृत कलश

पितरों के संदर्भ को छोड़कर दक्षिण दिशा की ओर मुँह कर भोजन न करें। अपने जूते-वाहनों आदि का मुँह (अगला सिरा) दक्षिण दिशा की ओर न रखें। इससे बीमारी और अनिष्ट की आशंका बनी रहती है। Read More »

मोबाइल टूट जाए तो सुकून मानें

अक्सर लोगों के मोबाइल किसी न किसी समय नीचे गिरकर या और किसी कारण से अचानक टूट जाया करते हैं। और कुछ नहीं तो स्क्रीन का काँच ही टूट जाएगा या और कोई क्षति हो जाएगी।  इस स्थिति में लोग घबरा जाते हैं। मोबाइल टूटने पर घबराहट स्वाभाविक है क्योंकि महंगे मोबाइल का यों ही टूट जाना सभी का अखरता ... Read More »

दिव्य रहस्योद्घाटन पहली बार – ग्रहण काल के अनुभूत प्रयोग

ग्रहणकाल अपने आप में कई विलक्षणओं से भरा हुआ होता है। इसमें जो कुछ किया जाता है उसका सीधा संबंध संबंधित उपास्य देव या देवी से हो जाता है। इसमें साधक और उपास्य देव के बीच के सारे अवरोध समाप्त हो जाते हैं। इसलिए कम समय में हजार गुना फल की प्राप्ति होती है और सिद्धि मिलना आसान रहता है। ... Read More »

आशातीत सफलता चाहें तो ग्रहण काल में साधना का आश्रय पाएं

अधिकांश लोग ग्रहण की महिमा से अनभिज्ञ हैं और उन्हें यह तक पता नहीं है कि ग्रहण काल में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इन लोगों को ग्रहण के महत्व से कोई सरोकार नहीं है। वर्तमान मेंं हर तरफ कलियुगी माहौल है, मैले मन वालों और मैली विद्याओं का बोलबाला है और अधर्म, असत्य एवं कुटिलताओं भरी गलाकाट प्रतिस्पर्धा ... Read More »

दैवीय रहस्य  – यों धूल चटाएं चीन-पाक और आतंकियों को . . .

ग्रहण के समय जो कुछ किया जाता है, जो वाक्य बोला जाता है वह मंत्रसिद्धि के दायरे में आ जाता है। ग्रहण काल में जिस किसी अक्षर, वाक्य या शब्द का उच्चारण होता है उसका प्रभाव हजार गुना हो जाता है। हम चाहें तो चीन, पाक, आतंकियों और भारतमाता के तमाम दुश्मनों का खात्मा कर डालने की ताकत पा सकते ... Read More »

देवी साधना के रहस्य

देवी साधना रात्रिकाल में करना ज्यादा फलदायी होता है। देवी मन्दिरों में देवी के दर्शन से पूर्व भैरव और देवी के वाहन सिंह के दर्शन व पूजन कर लें। किसी भी देवी की साधना करें, इससे पूर्व भगवान भैरवनाथ का स्मरण जप कर लें। इसके बाद देवी साधना की शुरूआत करें। इससे भैरवनाथ हमारी साधना में जल्दी सफलता के लिए ... Read More »