सत्याश्रयी और स्पष्टवादी बनें

जीवन में हमेशा स्पष्टवादी, सत्यान्वेषी और पारदर्शी होना चाहिए, इससे हो सकता है कि तात्कालिक तौर पर कोई नाराज या दुःखी हो जाए किन्तु सत्य की ताकत ही इतनी है कि 24 घण्टे से अधिक सुप्त नहीं रही सकता।

अपने आप इसका बोध सामने वाले को हो ही जाता है और फिर सत्य वचन हमेशा अपने पक्ष को मजबूत करता है। इसलिए साफ हो सुखी रहो। अपनी मर्यादाओं और सीमाओं की निर्धारित लाईन पर चलते रहो।