अप्रेल फूल जिन्दाबाद

अप्रेल फूल को हम चाहे विदेशी उपज कहकर उपहास उड़ायें, इसे निरर्थक और हास्यास्पद मानें और इसकी बुराई करते रहें मगर हमारे लिए यह शाश्वत…

करमफूटों से कैसा प्रेम

प्रेम, सद्भाव, सौहार्द, समन्वय और सामन्जस्य की बातें उन लोगों के लिए ही होती हैं जो कि मनुष्य हैं।  इस मामले में संसार दो तरह…

औचित्यहीन है अर्थहीन शोध

केवल डॉक्टरेट पाने या अपने नाम से आगे डॉक्टर लिखने का शौक पालने वालों अथवा डॉक्टरी करके नौकरी, प्रमोशन में चाँस पाने की परंपरा आजकल…

सदैव रहें आत्मस्थिति में

हर इंसान का अपना एक निर्धारित कवच होता है जो उसके दायरों को भी तय करता है तथा सदैव अपनी आत्म स्थिति में रखता है।…

मंगतों की पंगत

आजकल संबंधों के कई सारे प्रकार हमारे सामने हैं। अब कई तरह के नवाचारी संबंध हैं जिनमें आंशिक से लेकर आधे-अधूरे और विकृत-व्यभिचारी संबंधों को…

हे राम ! राम-राम

हे राम ! हम शर्मिन्दा हैं। हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं। हम सारे विवश हैं। हमारे हाथ-पाँव बँधे हुए हैं। हमारे मुँह बँधे…