आनन्ददायी हो अपनी मौजूदगी

हर तत्व, प्राणी और वस्तु की मौलिकता ही उसकी अन्यतम विशिष्टता है। इसी के अनुरूप गुणधर्म निर्धारित हैं। मनुष्य होने का अर्थ मानवीय गुणों और…

निहारें प्रकृति का आँगन

जीवों की दो ही दशाएं हैं। कूप मण्डूकों की तरह कूओं और पोखरों में परिधियों और सीमाओं में चक्कर काटते हुए अपने आपको गतिशील-प्रगतिशील मानते-मनवाते…

चन्द्रग्रहण पर विशेष – समझदारों के लिए स्वर्णकाल से भी बढ़कर है यह

ग्रहण कोई सा हो, चाहे सूर्य ग्रहण हो अथवा चन्द्र ग्रहण, यह इंसान के जीवन में स्वर्णकाल से भी अधिक मूल्यवान है। इसे अच्छी तरह…

स्मृति शेष – फक्कड़ी बादशाह दिनेश दादा – हरफनमौला युगीन किरदार का अवसान

अचानक खबर आयी कि दिनेश दादा नहीं रहे। लगा कि जैसे परंपरागत पुरातन ज्ञान और अनुभवों से भरा कोई आत्मआनन्दी सितारा आसमान से टूट कर…

मुक्ति पाएं इनसे

दुनिया में बहुत सारे लोग हैं जिन्हें इंसान होने के लायक तक नहीं माना जा सकता।  इन लोगों का स्वभाव, व्यवहार और चरित्र ही ऎसा है…