डूबो देगी यह संस्कारहीनता

जब तक मूल्यों का दबदबा था तब तक सभी प्रकार की अच्छाइयों का मूल्य था। जब से मूल्यहीनता का दौर आरंभ हुआ है सभी प्रकार…

जो पहल करेगा, वही आगे बढ़ेगा

आगे वही बढ़ेगा जो कर्म करेगा। जो हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा, वह हाथ मलता ही रहेगा। दुनिया में आगे बढ़ने और कर्मयोग को…

अपने आप को बदलें

परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। हर परिवर्तन अवश्यम्भावी है और इसके लिए हरेक जीव को हर पल तैयार रहना ही चाहिए। हर समय एक…

ये हैं जिन्दा भूत

यह जरूरी नहीं कि भूत-प्रेत और पलीत अब श्मशान या अंधकार भरे एकान्त कोनों में ही निवास करते हों, शहर और गांव से दूर डेरा…

कृतज्ञ बनें, कृतघ्न नहीं

हम सभी लोग जीवन के हर मोड़ पर किसी न किसी काम से सम्पर्क में आते हैं। लेकिन यह सम्पर्क हमेशा बना रहे, उसके लिए…