जुझारू राष्ट्र चिंतक – श्री परमेश्वरलाल भावसार

राष्ट्रवादी विचारधारा से ओत-प्रोत और संघर्षशील व्यक्तितव के रूप में बांसवाड़ा के श्री परमेश्वरलाल भावसार का कोई सानी नहीं।

उग्रवादी सोच और कठिन संघर्ष के पर्याय होने की वजह से उन्हें फर्नाण्डिज के नाम से भी जाना जाता है। अग्रज भाई श्री परमेश्वर जी भाई साहब के साथ आरएसएस की शाखाओं में वर्षों तक साथ बना रहा और ढेरों आयोजनों में उनके साथ रहकर काम करने का अवसर मिला।

जिन्दादिल और स्पष्टवादी इन्सान के साथ ही हर काम में उत्साह और लगन के साथ समर्पित सेवाओं का जो ज़ज़़्बा श्री भावसार में रहा है, ऎसा बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है। बेबाक और निर्भीक अभिव्यक्ति के धनी और सत्य के पक्षधर श्री परमेश्वर भावसार का अब तक का पूरा जीवन संघर्ष के साथ गुजरा है।

न उन्होंने सिद्धान्तों से कभी समझौता किया और न कभी डिगे। साफगोई, सरलता, सहजता और बेलाग अभिव्यक्ति उनके व्यक्तित्व की वह विशेषता है जिसकी बदौलत चाहे कितनी बड़ी भीड़ हो, उनका चेहरा अलग ही मुखर नज़र आता है।

दायित्व के प्रति गंभीर किन्तु आमतौर पर मुस्कुराहट बिखेरते रहने के आदी श्री परमेश्वरलाल भावसार जीवन के सहज प्रवाह के साथ आनंद का ज्वार उमड़ा देने में समर्थ हैं।

तीन दशकों से भी अधिक समय से आरएसएस की गतिविधियों के साथ ही धार्मिक एवं सामाजिक प्रवृत्तियों में उनका साथ बना रहा होने से उनके प्रति सहज स्वाभाविक आत्मीयता का भाव मित्रों में पसरा रहा है।

दो दशक पहले मित्र मण्डली के साथ मजाक ही मजाक में उन्होंने पीएफडी संस्था का गठन कर लिया। बाद में पूछा तो उन्होंने इसका विस्तृत नाम बताया तो हर कोई हँसे बिना नहीं रह सका। यह नाम था – पागल फोर डेमोक्रेसी।

आज भी मित्र लोग जहाँ कहीं मिलते हैं वहाँ फर्नाण्डिज और पीएफडी की चर्चा होती ही होती है। जीवन संघर्षों के बावजूद आनंद पाने की जिस कला के साथ श्री भावसार आज भी रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न है, उसे देख कर कहा जा सकता है कि मन में दृढ़ संकल्प और समाज तथा देश के लिए जीने की भावना हो तो सारी समस्याएं और अभाव गौण हो जाते हैं।

आज भी उनका सभी मित्रों से जीवन्त सम्पर्क बना हुआ है।

1 thought on “जुझारू राष्ट्र चिंतक – श्री परमेश्वरलाल भावसार

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *